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जगसीराम का सहारा बनी मानव सेवा समिति

सांचौर. करीब छह माह से ज्यादा समय से नारकीय जीवन जी रहे जगसीराम कोली को मानव सेवा समिति की बदौलत नई जिन्दगी मिली है। क्षेत्र के कीलवा गांव में रहने वाले गरीब परिवार के मुखिया जगसीराम के पैर में करीब छह माह पूर्व बाइक से गिरने के दौरान गम्भीर चोट लगी थी। यह चोट उसके और उसके परिवार के लिए आफत बन गई थी। आर्थिक तंगी के कारण वह इसका इलाज भी नहीं करवा पाया। जिससे उसका पैर सडऩे लगा और पैर में कीड़े पड़ गए। इसकी जानकारी मिलने पर मानव सेवा समिति आगे आई और जगसीराम को शहर के सरस्वती अस्पातल में उसका उपचार करवाया। मरीज की स्थिति देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने भी उसका निशुल्क उपचार करने का निर्णय किया। अस्पताल के डॉ. ब्रह्मोस संघवी ने इसका कोई शुल्क तक नहीं लिया। हालांकि इन्फेक्शन ज्यादा होने से उसका पैर तो नहीं बच पाया, लेकिन उसे नई जिन्दगी जरूर मिल गई। इलाज के दौरान उसके बायें पैर के घुटने के नीचे के हिस्से को काटना पड़ा।
6 दिन से शहर के निजी अस्पताल में था भर्ती
कीलवा निवासी जगसीराम कोली पिछले छह दिन से इस अस्ताल में भर्ती था। समिति व अस्पताल प्रशासन के संयुक्त प्रयास से उसे पांच से छह यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। गौरतलब है कि मानव सेवा समिति वाट्सअप ग्रुप के सदस्यों ने गत 8 जून को कीलवा पहुंचकर जगसीराम को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया। साथ ही उसके इलाज के पूरे खर्च की बीड़ा उठाया था।
इनका कहना है...
मरीज के पैर की हड्डी गलने से इन्फेक्शन फैल गया था। ऐसे में पैर बचाना संभव नहीं था। मरीज उपचार के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ है। मरीज की आर्थिक स्थिति देखते हुए फीस नहीं ली है।
- ब्रह्मोस संघवी, हड्डी रोग विशेषज्ञ, सरस्वती अस्पताल, सांचौर
जगसीराम को उपचार के बाद नई जिन्दगी मिली है। अस्पताल प्रशासन ने भी उसका निशुल्क उपचार कर मानवता की मिसाल पेश की है। समिति की ओर से पीडि़त परिवार के लिए राशन सामग्री का एक किट भी दिया गया है।
- प्रकाश छाजेड़, अध्यक्ष, मानव सेवा समिति, सांचौर



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