सांचौर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से शुक्रवार को जारी १२ वीं कला वर्ग के परीक्षा परिणाम में सांचौर के दाता स्कूल की छात्रा संगीता बिश्नोई ने ९३वें प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले संगीता बिश्नोई के पिता कृषि का कार्य करते हैं । परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद संगीता बिश्नोई ने घर के कार्य हाथ में बढ़ाकर नियमित छह घंटे की पढ़ाई कर सफलता हासिल की।परिवार में शिक्षा का माहौल नहीं होने के बाद भी संगीता ने लक्ष्य को साधने के लिए मेहनत की। संगीता ने बताया कि उसको विश्वास था कि वह 12वीं कला वर्ग के परीक्षा परिणाम में लक्ष्य को प्राप्त कर लेगी। उन्होंने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी माता पिता पर गुरुजनों को इसका श्रेय दिया। संगीता के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में ९३ प्रतिशत अंक प्राप्त करने के बाद गांव में भी खुशी का माहौल हो गया। आसपास की ढाणियों के लोग भी संगीता के घर बधाई देने आए। ग्रामीण क्षेत्र की होने के बावजूद उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान उन्होंने किसी प्रकार की कोचिंग नहीं ली। विद्यालय की पढ़ाई के अतिरिक्त उन्होंने अपने गुरुजनों के निर्देशन में घर पर ही पढ़ाई कर परीक्षा तैयारी की। संगीता की मां मोहनी देवी बताती है कि उसकी पढ़ाई के प्रति लगन की बदौलत मेरिट में आने का भरोसा था। संगीता के पिता भंवरलाल ने बताया कि संगीता को प्रशासनिक सेवा की तैयारी करवा कर लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं।
बारहवीं कला वर्ग में बेटियों का रहा दबदबा
जालोर. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से शुक्रवार को बारहवीं कला वर्ग का परिणाम घोषित किया गया। शाम को जैसे ही सवा छह बजे परिणाम घोषित किया गया। परिणाम देखने के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की बेवसाइट पर लोड बढ़ गया। जिससे विद्यार्थियोंं व उनके अभिभावकों को परिणाम देखने में काफी इंतजार करना पड़ा। बेवसाइट के धीरे चलने के चलते काफी मशक्कत के बाद रोल नम्बर डालने के बाद माक्र्स दिखने शुरू हुए। शुक्रवार को घोषित परिणाम में जिला मेरीट घोषित नहीं करने से विद्यार्थी अपनी पॉजीशन तलाशते नजर आए। वहीं परिणाम हाथ लगते ही विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों सहित विद्यालय परिवार के लोगों ने बेहतर परिणाम लाने वालों का जोर शोर से स्वागत किया। वहीं बच्चों का मुंह मीठा करवाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों व अभिभावकों को दिया। वहीं जिले में ९० प्रतिशत से अधिक अंक लाने में बेटियों का दबदबा रहा।





No comments:
Post a Comment