जालोर. शहर में बीते पांच दिन से चल रहा तेज हवाओं का दौर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। रात के समय तेज हवा के चलते कहीं नगरपरिषद की ओर से लगाए गए संकेतक टूटकर गिर गए तो कहीं दुकानों के आगे लगे टीनशेड और पौधों की सुरक्षा के लिए लगाए गए ट्री-गार्ड भी झुक गए। हालांकि अब तक इससे कहीं भी जनहानि नहीं हुई है, लेकिन तेज हवा का दौर नहीं थमा तो हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। जानकारी के अनुसार बुधवार को तेज हवा के कारण नया बस स्टैंड के ठीक पास प्राइवेट बस स्टॉप तक जाने वाले रास्ते पर नगरपरिषद की ओर से लगाए गए बड़े संकेतक का आधा हिस्सा रात के समय टूटकर नीचे गिर गया। गनीमत यह रही कि रात अधिक होने के कारण यहां कोई यात्री खड़ा नहीं था। नहीं तो उसकी जान तक जा सकती थी। यह संकेतक मंगलवार को इसके ऊपरी हिस्से से उखड़ चुका था, लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। ऐसे में बुधवार को फिर से तेज हवा चलने के कारण यह टूटकर नीचे गिर गया। इसी तरह कलक्ट्रेट के बाहर लगा बोर्ड भी तेज हवा से झूलने लगा है। नगरपरिषद कार्मिकों ने अभी तक इसकी सुध तक नहीं ली है।
हवा के कारण झुक गए टीनशेड
पिछले कुछ दिन से चल रही तेज हवाओं का असर बुधवार अल सुबह
देखने को मिला। नया बस स्टैंड के आस पास स्थित कई दुकानों के टीनशेड तेज हवा के कारण झुक गए। वहीं कई दुकानों के आगे धूप से बचाव के लिए बंधे तिरपाल भी पूरी तरह से फट गए। सुबह ही इस बारे में दुकानदारों को पता चला।
स्टॉप पर रोजाना खड़े रहते हैं यात्री
गौरतलब है कि प्राइवेट बस स्टैंड की ओर से जाने वाले इस मार्ग पर नगरपरिषद की ओर से कुछ साल पहले एक बड़ा संकेतक लगाया गया था। प्राइवेट बस स्टैंड से निकलने वाली सभी बसें ठीक इसके नीचे से होकर ही गुजरती हैं। वहीं यहां दिन भर आस पास के ग्रामीण इलाकों तक जाने वाले यात्रियों का जमावड़ा भी रहता है। इसके अलवा इस संकेतक के आस पास काफी दुकानें भी हैं। जहां भी रोजाना काफी भीड़भाड़ रहती है। ऐसे में यह हादसा दिन में होता तो किसी की जान तक जा सकती थी।
कहीं ट्री-गार्ड झुके तो कहीं हुए धाराशही
इसके अलावा शहर की मुख्य सड़कों और वार्डों में पौधों की सुरक्षा के लिए लगाए गए ट्री-गार्ड भी हवा के कारण कहीं झुके हुए नजर आए तो कहीं ये उखड़कर नीचे गिरे हुए भी देखे गए।इधर, शहर में तेज हवा के साथ मुख्य सड़कों पर उडऩे वाली धूल के कारण वाहनचालक भी परेशान नजर आए। खासकर दुपहिया वाहनचालकों को इससे काफी परेशानी झेलनी पड़ी। कई वाहन चालक हवा के साथ उड़ती धूल से बचने के लिए हेलमेट, चश्मा और कपड़े से मुंह को लपेटे हुए नजर आए।





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