Breaking News
recent

भारत की चेतावनी के आगे झुके ईरान समेत सभी तेल उत्पादक देश, कच्चे तेल का बढ़ेगा उत्पादन

नई दिल्ली। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से परेशान भारत अब देशवासियों को राहत देने के लिए विदेशों में भी कूटनीतिक चाल चल रहा है। हाल ही में वियना में हुई तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक की बैठक में भी भारत ने कूटनीतिक तरीके से अपनी बात रखी। नतीजा यह रहा कि ओपेक देश भारत की बात मानने पर राजी रहे और रोजाना 10 लाख बैरल प्रतिदिन तेल उत्पादन बढ़ाने पर सहमति दे दी। इसके पीछे पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भारत के प्रमुख विदेशी दोस्त सऊदी अरब का भी हाथ माना जा रहा है। पेट्रोलियम मंत्री ने बैठक से पहले ओपेक सदस्यों से अलग-अलग मुलाकात कर अपनी बात रखी थी।

ओपेक देशों को दी चेतावनी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले सप्ताह वियना में हुई बैठक में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उनकी टीम ने भारत का पक्ष रखा। बैठक में भारत ने कहा कि यदि इसी प्रकार से कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी होती रही तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की मांग में कमी आ सकती है। रिपोर्टों के अनुसार इस बैठक में पेट्रोलियम मंत्री प्रधान और इंडियन आयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन संजीव सिंह ने एक अनौपचारिक पर्चा पेश करते हुए कहा कि कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचते हैं तो आने वाले पांच से सात सालों में इसकी मांग में रोजाना 10 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी आ जाएगी।

रंग लाई सऊदी अरब से दोस्ती

अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, बीते सप्ताह शुक्रवार को वियना में हुई बैठक में सऊदी अरब प्रमुख तेल उत्पादक देश ईरान को तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए सहमत करने में सफल रहा है। बैठक में सऊदी के ऊर्जा मंत्री खालिद फालिह ने बड़े उपभोक्ता देशों की चिंता को ध्यान में आपूर्ति बढ़ाने की बात कही। आपको बता दें कि सऊदी अरब और ईरान एक दूसरे के धुरविरोधी हैं। लेकिन भारत से दोस्ती के चलते सऊदी अरब ने प्रमुखता से बात रखते हुए ईरान को तेल उत्पादन बढ़ाने पर राजी किया है।

अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ा रहा महंगा कच्चा तेल

भारत और चीन जैसे विकासशील देश कच्चे तेल की अपनी खपत का 80 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आयात करते हैं। लेकिन मौजूदा समय में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतें दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रही हैं। ओपेक देशों को ओर कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर सहमति से सबसे ज्यादा राहत भारत और चीन जैसे देशों को मिली है। उत्पादन बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में कमी आना तय माना जा रहा है जिससे इन देशों पर खर्च का बोझ घटेगा।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.