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अलवर में निवेशकों के डूब गए करोड़ों रुपए, किसानों को भी नहीं मिला पैसा

अलवर. नीरामणा-भिवाड़ी लिंक रोड का प्रस्ताव खारिज होने से यहां निवेशकों के करोड़ों रुपए डूब गए हैं। फिर भी बहुत से लोग अभी तक लिंक रोड निकलने का झांसा देकर एक-दूसरे को फंसाने में लगे हैं। दूसरी तरफ डीएमआईसी के लिए अवाप्त जमीन का मुआवज किसानों को नहीं मिला है। लिंक रोड के कारण साल 2013 से पहले से निवेशकों ने महंगे दामों पर गांवों में सैकड़ों बीघा जमीनें खरीद ली। सबको उम्मीद थी कि सीधे नीमराणा से भिवाड़ी रोड निकलेगा तो जमीनें महंगी हो जाएगी। अब सरकार ने लिंक रोड को ही निरस्त कर दिया। जिससे प्रॉपर्टी के कारोबारियों को सैकड़ों करोड़ रुपया उलझ गया है। जिसे अब आधे दामों भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं।

यहां से निकलना था लिंक रोड

नीमराणा के निकट से ईश्वरी सिंह पुरा, जाट बहरोड, फौलादपुरा, मोलावास, जालावास, मनेटी, भौतपुरी, हुलमाना बीजवाड़ होकर टपूकड़ा के आसपास तक लिंक रोड निकाला जाना था। जिसके लिए पूरा रास्ता चिह्नित भी कर लिया गया था। बकायदा पत्थर भी गाड़ दिए गए थे। इतना काम होने के बाद प्रॉपर्टी डीलरों ने जमीनों के भाव आसमान पर चढ़ा दिए। सैकड़ों लोगों ने कर्ज का मोटा पैसा लगा दिया। इस झमले में कर्ज लेकर पैसा लगाने वाले अधिक फंस गए। जमा पूंजी लगाने वालों को अच्छे दिनों का इन्तजार है।

गुपचुप खारिज करने के आदेश

भिवाड़ी-नीमराणा लिंक रोड प्रोजेक्ट के लिए भूमि अवाप्ति के लिए धारा 6 की अधिसूचना 31 दिसम्बर 2013 में जारी की गई थी। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 की धारा 11 ए में धारा 6 की अधि सूचना जारी होने के दा वर्ष के अन्दर अवार्ड जारी नहीं होने पर समस्त कार्रवाई खारिज होने का प्रावधान है। इस प्रावधान के अनुसार समस्त कार्रवाई स्वत: ही निरस्त हो चुकी है। यह आदेश वरिष्ठ नगर नियोजक के जरिए जारी हो चुके हैं। इसके बावजूद भी कुछ लोग लिंक रोड निकलने का झांसा देकर ठगी करने में लगे हुए हैं।

अधिकांश काश्तकारों का पैसा फंसा

बहुत से एेसे भी किसान हैं जिनकी जमीन का आधा पैसा फंस गया। कुछ खरीददार जमीन का आधा पैसा चुकाने के बाद शेष रकम अब तक नहीं चुका पाए हैं। बहुतों के जमीनों के सौदे निरस्त हो गए। कुछ किसानों ने शादी ब्याह जैसे समारोहों पर क्षमता से अधिक रुपया खर्च कर दिया।

किसी को उम्मीद नहीं थी रोड निरस्त होगा

इस लिंक रोड के निरस्त होने की किसी को आशंका नहीं थी। तभी तो गांवों में दोगुने-तीगुने दामों में जमीनें बिक गई। कुछ समझदार किसानों ने जमीन बेचकर तुरंत दूसरी जगहों पर जमीनें खरीद ली। जितनी बेची उससे दोगुना दूसरी जगह खरीदने के बाद भी पैसा बच गया। लेकिन अधिकर खरीददार नुकसान में रहे। खरीददारों में प्रॉपर्टी डीलर, व्यापारी, बाहर के निवेशक हैं। जिन्होंने एक-दूसरे के जरिए पैसा निवेश कर दिया।

निरस्त हो चुका

भिवाड़ी नीमराणा लिंक रोड का प्रस्ताव निरस्त हो चुका है। अब कोई लिंक रोड के नाम से जमीन खरीद बेचान कर रहा है तो गुमराह कर रहा है।
शशिकान्त, एसटीपी, एनसीआर अलवर



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