लाडनूं.
गोपुत्र सेना व नगरपालिका कर्मचारियों की टीम की ओर से कस्बे में घूम रहे बेसहारा गोवंश को गोशाला में भिजवाए जाने से आमजन को कुछ हद तक राहत मिली है। गत 11 से 14जून तक चले अभियान के दौरान 70 बेसहारा सांडों को कस्बे की रामानंद गोशाला में छोड़ा गया है। हालांकि अब तक आमजन को अब तक इनसे पूरी तरह से निजात नहीं मिल पाई है। कई मोहल्लों व सब्जी मंडी में अभी भी बेसहारा गोवंश आमजन के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। गोपुत्र सेना के रामेश्वर जाट ने बताया कि पालिका की ओर से 11 से 14 जून तक बेसहारा गोवंश को पकड़कर गोशाला में डालने की अनुमति मिली थी। शीघ्र ही मीटिंग कर दुबारा अभियान चलाने पर चर्चा की जाएगी। बेसहारा गोवंश से निजात दिलाने के लिए तो प्रयास शुरू हो चुके हैं।
मगर आवारा सूअरों से परेशान लोगों की समस्या कम नहीं हो रही है। शहर की लगभग हर गली व मोहल्लों में सूअरों के झुंड घूम रहे हैं। बस स्टैंड पर तो हालत ये है कि ***** मौका मिलते ही यात्रियों का सामान तक उठा ले जाते हैं। इसके बावजूद पालिका की ओर से ना तो पालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और ना ही पकड़ो अभियान शुरू किया जा रहा है।
तत्कालीन ईओ ने किया था नीलाम
जानकारी के अनुसार पालिका के तत्कालीन कार्यवाहक ईओ सहदेव दान ने करीब तीन-चार माह पहले सूअरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए ***** पकड़ो अभियान शुरू किया था। इस दौरान सूअरों को पकड़कर एक बाड़े में रखा गया था। सूअरों की नीलामी भी की गई थी। उनकी ओर से की गई इस कार्रवाई से लोगों को सूअरों की समस्या से निजात मिली थी। मगर उनके यहां से जाते ही यह समस्या वापस बढऩे लगी है। शहर में ***** पालन करने वाले लोग छोटे सूअरों को शहर में खुला छोड़ देते हैं।





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