उदयपुर . राजस्थान पत्रिका के अमृतं-जलम् अभियान के तहत रविवार को दो स्थानों पर श्रमदान किया गया। इसके तहत शहर की प्रमुख झील फतहसागर को भरने वाली मदार नहर के साथ ही हाथीपोल में ऐतिहासिक बावड़ी की सफाई की गई। अभियान के तहत शहरवासियों ने उत्साह से भाग लिया और इस अभियान को आमजन का अभियान बताया।
सुबह 6.30 बजे ही बडग़ांव स्थित विद्याभवन के रामगिरी स्कूल के समीप आदिनाथ युवा संस्थान और भारत विकास परिषद ‘आजाद’ के सदस्य एकत्रित हो गए। इन सदस्यों ने करीब दस फीट गहरी नहर में उतरने के साथ ही यहां सफाई की। इनमें कई बुजुर्ग सदस्य भी शामिल थे। नहर में पसरे मिट्टी, कचरे के साथ ही अन्य वस्तुएं बाहर निकाली गई। इस दौरान नहर में कई छोटे-बड़े पत्थर भी यहां वहां पड़े हुए हुए थे।
देखते ही बन रहा था बुजुर्गों का उत्साह : श्रमदान के तहत बुजुर्गों की संख्या सराहनीय रही। नहर में उतरने से लेकर श्रमदान करने तक में सभी युवाओं के साथ बुजुर्गों ने कंधे से कंधा मिलाकर श्रमदान किया। भाविप आजाद के हरीश चावला, मंजू बापना, उमेश भार्गव, विजय गोधा, नाहर सिंह पडियार, पुष्पासिंह पडियार, डॉ. राजकुमारी भार्गव सहित आदिनाथ युवा संस्थान के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार मुंडलिया, मुख्य संरक्षक अशोक शाह, अशोक कोठारी आदि बुजुर्गों ने पूरे उत्साह से भाग लिया।
इनका रहा सहयोग: श्रमदान में आदिनाथ युवा संस्थान के सचिव प्रभात दोषी, प्रवीण कोठारी, आदेश पचोरी, मदन देवड़ा, हजारी पचोरी, प्रकाश, ओछब लाल रजावत, जितेंद्र चित्तौड़ा, अमृत बोल्या, कनिल मेहता, सतीश गांधी, अनूप सेठ, इंदिरा मुंडलिया, इंदिरा देवड़ा, ट्विंकल पचोरी और भाविप अध्यक्ष दीपक शर्मा, सचिव प्रदीप रावानी, राजकुमार खाण्डिया, यशवन्त साहू, लोकेश मेहता, ओम प्रकाश खण्डेलवाल, विमल व्यास, बहादुर सिंह, सत्यनारायण शर्मा, खूबी लाल गमेती, नीरज मेहता सहित बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद थे।
पत्ते हटने के साथ ही कांच जैसा पानी निकला
पूर्बिया कलाल समाज की ओर से समाज के हाथीपोल स्थित राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन बावड़ी की साफ -सफाई अमृतं-जलम् अभियान के तहत की गई। श्रमदान सुबह 9 बजे उदयपुर शहर के पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया व समाज अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी लाल वर्मा ने झाड़ू से सफाई कर शुरू किया।
इसके बाद समाज के नवयुवक व समाज सेवी लोगों ने बावड़ी के पानी पर पसरे पेड़ों के पत्ते, पूजन सामग्री आदि बाहर निकाले गए। कचरा बाहर निकलने के साथ ही बावड.़ी का पानी कांच के जैसा चमकने लगा। बावड़ी की सफाई के बाद सभी पुरुष और महिलाओं ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई की। श्रमदान में नरेश पूर्बिया, छगनलाल, राजेश पूर्बिया, देवी लाल चौधरी, दिनेश पूर्बिया, मनोज पूर्बिया, कन्हैया लाल, सूर्यप्रकश, छगनलाल, राजेश, यशवंत, रेवंति लाल, नितेश, अरुण, रमेश, ललित, प्रकाश पूर्बिया, तरुणा, अनिता पूर्बिया सहित कई सदस्यों ने भाग लिया।





No comments:
Post a Comment