Breaking News
recent

जीवन को खोखला करता तंबाकू

प्रतापगढ़. जिन्दगी भगवान का दिया सबसे खूबसूरत तोहफा है। इस तोहफे को कुछ लोग बहुत संजो कर रखते हैं लेकिन कुछ लोग तंबाकू, गुटखे और बीड़ी-सिगरेट जैसी चीजों से बदनुमा और बदसूरत कर देते हैं। जिंदगी को बदसूरत बनाने वाली ये चीजे अक्सर जिंदगी ही खत्म भी कर देती है। दुनिया में हर साल तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से करीब 50 लाख लोगों की मौत होती है। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान के लिए कानून तो जरुर बना हुआ है लेकिन इसके प्रति कहीं उतनी गम्भीरता नहीं है जितनी होनी चाहिए। ना तो धूम्रपान करने वाले इसकी परवाह करते हैं और ना ही कानून की पालना के लिए जिम्मेदार अधिकारी ही इसे लेकर ज्यादा सजग दिखाई देते हैं। नतीजतन खुलेआम धूम्रपान हो रहा है।

आखिर वनकर्मियों ने दिन-रात 24 घंटे तक जंगल में छूपकर किसका किया इंतजार..
ये है दुष्परिणाम
धूम्रपान और तंबाकू सेवन से कई दुष्परिणामों को झेलना पड़ता है। इनमें फेफड़ का कैंसर, मुंह का कैंसर, ह्दय रोग, स्ट्रोक, अल्सर, दमा, डिप्रेशन आदि भयंकर बीमारियां हो सकती है। इतना ही नहीं महिलाओं में तंबाकू सेवन गर्भपात या होने वाले बच्चे में विकास उत्पन्न कर सकता है। तंबाकू ना सिर्फ जिंदगी तबाह कर देता है बल्कि जिस अंदाज में यह जिंदगी खत्म करता है वह बेहद दयनीय और दर्दनाक होता है। कई लोग शोक से तो कई इसके नशे की वजह से इसका सेवन करते हैं लेकिन दोनों ही सूरतों में यह तंबाकू किसी भी कीमत पर किसी को नहीं बख्शता और इसका दुष्परिणाम झेलना ही पड़ता है।
भारत की स्थिति
तंबाकू उत्पादों के सेवन में भारत अन्य कई देशों से कहीं आगे है। यूं तो कहने सुनने को सरकार ने यहां भी धूम्रपान निषेध कानून बनाया। जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ दंड का प्रावधान है लेकिन लोग अब भी धड़ल्ले से गुटखा सेवन और धूम्रपान करते दिखाई देते हैं। ठोस कानून की कमी और कानून को लागू ना करने के कारण तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। यदि इस स्थिति पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो आने वालों सालों में यह और ज्यादा भयावह रुप धारण कर सकता है।
आज का महत्व
तंबाकू के दुष्परिणामों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 1988 से 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रुप में मनाने का निर्णय किया। वर्ष 2008 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सभी तंबाकू विज्ञापनों, प्रमोशन आदि पर बैन लगाने का आह्वान किया। तब से तम्बाकू उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर रोक है।
नहीं समझते लोग
तंबाकू के दुष्परिणामों को जानने-समझने के बावजूद लोग इसकी गंभीरता तो कम ही समझते हैं। तंबाकू खाकर यहां-वहां थूकने और बीड़ी-सिगरेट का धुंआ उड़ाना आम है। जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारी सहित अन्य कई गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। यह बीमारी ना केवल धूम्रपान करने वाले व्यक्ति बल्कि उसके आसपास के व्यक्ति को भी अपनी चपेट में ले सकती है। कमोबेश सभी इसके बारे में जानते हैं। इसके बावजूद इसकी गंभीरता को लोग नहीं समझते। जो कभी उनके लिए गम्भीर बीमारी का कारण बन सकता है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.