सांचौर. शहर के प्रथम नागरिक कहे जाने वाले नगर पालिका अध्यक्ष को जलदाय विभाग के अधिकारियों की ओर से दिया गए बेतुके जवाब के बाद एक ओर जहां शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर इससे यह भी साफ हो चुका है कि पालिकाध्यक्ष को इस तरह का जवाब देने वाले जिम्मेदार अधिकारी आमजन को भी ऐसा ही जवाब देते होंगे।
दरअसल, शहर के विभिन्न मौहल्लों में जलदाय विभाग की ओर से बीते पंद्रह दिन से गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। ऐसे में यही गंदा पानी जब नगर पालिका अध्यक्ष नीता मेघवाल के घर भी पहुंचा तो वे भड़क गई। इस बारे में उन्होंने विभागीय अधिकारियों से जबाब मांगते हुए पूछा कि शहरवासी इसका पीने में कैसे उपयोग कर पाएंगे। जिस पर एईएन का कहना था कि गन्दे पानी का उपयोग नहाने के लिए कर लो और पीने के लिए कैम्पर खरीद लो। इस तरह विभागीय अधिकारियों के बेतुके बयान पर पालिकाध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एसडीएम सहित उच्चाधिकारियों से शिकायत की। पालिकाध्यक्ष का कहना है कि अधिकारी जनता के साथ गैर जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे हैं, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी तरह शिवनाथपुरा सहित आस-पास के मौहल्ले के लोगों ने भी बीते पंद्रह दिन से गन्दे पानी की सप्लाई का आरोप लगाया है। मौहल्लेवासियों ने इस बारे में विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
करेंगे कार्रवाई
गंदे पानी की सप्लाई पर अधिकारियों के बेतुके जवाब के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पालिकाध्यक्ष ने एसडीएम राजेन्द्रकुमार डागा को दूरभाष पर अवगत करवाया।
उन्होंने एसडीएम से कहा कि मौहल्ले में ही नहीं, बल्कि उनके निजी आवास पर सप्लाई के दौरान नल से गंदा पानी आया है।इसके बावजूद अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में कार्रवाईनहीं की गई तो गंदा पानी बोतल में भरकर उनके कार्यालय में पहुंचाया जाएगा। जिस पर एसडीएम ने लापरवाह अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
कैसे खरीदेंगे कैम्पर
जलदाय विभाग के सहायक अभियंता की ओर से पालिकाध्यक्ष को गंदा पानी नहाने व पीने के लिए कैम्पर खरीदने की नसीहत देना गले की फांस बनती जा रही है। पालिकाध्यक्ष इस मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांंग पर अड़ गई है। वहीं मौहल्ले के लोगों ने बताया कि शिवनाथपुर सहित अधिकांश कच्ची बस्तियों में रहने वाले लोग गरीब तबके हैं और मजदूरी कर परिवार पालते हैं। रोजाना कैम्पर खरीदना उनके लिए सम्भव नहीं है। वहीं लोगों ने विभागीय अधिकारियों व आरओ प्लांट संचालकों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया।
इनका कहना है...
मेरे निजी आवास पर भी गंदे पानी की सप्लाई पर एईएन को अवगत करवाया गया। समस्या के समाधान के बजाय गंदे पानी से नहाने व पीने के लिए कैम्पर का पानी खरीदने की सलाह दी जा रही है। लापरवाह अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो कलक्टर को अवगत करवाया जाएगा।
- नीता मेघवाल, पालिकाध्यक्ष
गंदे पानी की सप्लाई को लेकर पालिकाध्यक्ष ने विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली के बारे में अवगत करवाया है। अधिकारियों को लीकेज पाइप लाइन तुरन्त ठीक करने के निर्देश दिए हैं।
- राजेन्द्र डागा, एसडीएम, सांचौर
लीकेज होने से गंदा पानी नलों में चला गया था। पालिकाध्यक्ष का फोन आया था, जिस पर मैंने इतना ही कहा था कि जब तक लीकेज ठीक नहीं हो जाता तब तक जो पानी नलों में आया है उसे नहाने के काम में ले लो और अगली सप्लाई तक कैम्पर का पानी उपयोग में लो। वैसे लीकेज पाइप ठीक करवा दिया गया है।
- गंगाराम पारेगी, एईएन, पीएचईडी, सांचौर





No comments:
Post a Comment