भीनमाल. मानसून के आगमन की तैयारी के साथ ही अच्छे जमाने की उम्मीद पाले किसान खेत-खलिहानों में व्यस्त हो रहे हैं। किसान सुबह से ही परिवार के साथ पहुंचकर खेतों की सफाई कर रहे है। विरान रहने वाले खेतों में अब किसानों की चहल-पहल शुरू हो गई है। खेतों से कंटीली झाडिय़ां व कचरे को साफ कर रहे है। इसके अलावा माट को भी दुरुस्त कर रहे हंै। इसके अलावा किसान ट्रैक्टरों व हलों की भी मरम्मत करवा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि बारिश से पूर्व ही खेत-खलिहानों की सफाई कर तैयार किया जा रहा है, जिससे बारिश होने के साथ ही खरीफ फसल की बुवाई हो सके। किसानों को इस बार भी अच्छे जमाने की उम्मीद है। कई किसानों ने खेतों में जुताई कर रखी है। किसानों का कहना है कि पिछले दस दिनों से चल रही धूल भरी हवा थमने के बाद उमस भी एकाएक बढ़ गई है। अब बारिश के आने की उम्मीदें भी तेज हो गई है। कृषि विस्तार विभाग ने भी खरीफ फसल की बुवाई को लेकर तैयारियां कर रखी है। विभाग ने इस बार खरीफ फसल के लक्ष्य भी पिछले साल के मुकाबलें करीब 4000 हैक्टेयर अधिक रखा है। अधिकारियों का कहना है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में मानसून पहुंच जाता है, समय पर बारिश होने पर यह बुवाई हो सकेगी।
बुवाई का लक्ष्य
जिले में इस बार 5 लाख 68 हजार 500 हैक्टेयर में खरीफ फसल के बुवाई का लक्ष्य रखा है। कृषि विस्तार विभाग के अधिकारियों के मुताबिक में बाजरा 2 लाख 40 हजार हैक्टेयर, ज्वार 5000 हैक्टेयर, मक्का 50 हैक्टेयर, छोटे धांधे 6 50, मूंग एक लाख 10 हजार, मोठ 7 हजार, मूंगफली 16 हजार 200, तिल 19 हजार, अरण्डी 6 5 हजार, ग्वार एक लाख 4 हजार व हरा चारा व हरी सब्जियां एक हजार में खरीफ फसल के बुवाई का लक्ष्य है। पिछले साल 5 लाख 64 हजार 210 हैक्टेयर खरीफ फसल की बुवाई का लक्ष्य था।
शहर पहुंच रहे किसान
खरीफ फसल के बुवाई की तैयारी के लिए आस-पास गांवों से किसान ट्रैक्टरों की मरम्मत के लिए यहां पहुंच रहे है। गैरेज में रोजाना दर्जनों किसान ट्रैक्टरों व हलों की मरम्मत करवा रहे हैं। किसानों ने बताया कि बुवाई के लिए ट्रैक्टर व हलतैयार कर रहे हैं।
खेतों की सफाई ...
मानसून के आगमन की तैयारी को लेकर खेतों को साफ कर रहे हैं। दिनभर खेतों में कचरे व कंटीली झाडिय़ों को हटाया जा रहा है। इससे बारिश होने पर समय पर बुवाई हो सकेगी।
-बगदाराम व गणेशाराम भील, किसान
5.68 लाखहैक्टेयर का लक्ष्य...
वैसे प्रदेश में जुलाई के प्रथम सप्ताह तक मानसून पहुंचने की संभावना रहती है। कभी पहले भी हो जाती है। जिले में इस बार 5 लाख 6 8 हजार हैक्टयर में खरीफ फसल के बुवाई का लक्ष्य है। समय पर अच्छी बारिश होने पर बुवाई हो जाएगी। पिछले साल के मुकाबले लक्ष्य कुछ बढ़ाया है।
-मनोहर तुशावर, डिप्टी डायरेक्टर, कृषि विस्तार विभाग, जालोर





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