बूंदी. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के बार-बार निर्देश के बाद भी कई संस्था प्रधान अपने स्कूल के शाला दर्पण पोर्टल को अपडेट नहीं कर रहे। ऐसी सूरत में अब शिक्षा विभाग को रैंकिग में पिछडऩे का डर सताने लगा है।
आगामी जुलाई माह की 10 तारीख तक प्रदेशभर की रैंकिग जारी होनी है, जिसको लेकर शिक्षा महकमे ने ऐसे स्कूलों की सूची बनाकर निदेशालय भेजने की तैयारी में हैं जो संस्था प्रधान आदेशों की लगातार अवहेलना कर रहे हं।
शाला दर्पण पोर्टल पर नवीन इंफास्ट्रक्चर मॉड्यूल फरवरी माह से शुरू किया था, लेकिन आज तक भी जिले के करीब 35 स्कूलों में संस्था प्रधानों ने अपने स्कूल की सूचना को अपडेट नहीं किया है। विद्यालय के भौतिक विकास के मद्ेनजर यह मॉड्यूल अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बावजूद इसके संस्था प्रधानों ने इस पर काम शुरू नहीं किया। 16-17 प्रारूप में स्कूल के नवनीकरण, कक्षा-कक्ष, इंटरनेट की सुविधा है या नहीं सहित कई जानकारी शाला दर्पण पोर्टल पर अपडेट करनी है। ताकि स्कूल के विकास की सूचना अपडेट रहें। विधानसभा की पूरी जानकारी भी इस पोर्टल के माध्यम से एक क्लिक पर मिल जाती है।
डीईओ माध्यमिक के निर्देश पर तीन अधिकारी व दो ऑपरेटर लगाए गए हैं। राज्य स्तर पर जिले की रैंकिंग निर्धारण के लिए शाला दर्पण पोर्टल पर सुविधाओं को अंकित किया जाना जरूरी है। वर्तमान में जिले की तीसरी रैंक चल रही है।
माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय के संस्था प्रधान को अपने विद्यालय को प्रोफाइल व अन्य कार्यों को ऑनलाइन अपडेट करना है।
लापरवाह संस्था प्रधानों की वजह से जिले की रैंकिंग नहीं पिछड़े इसको लेकर जिले के करीब 35 स्कूलों की सूची तैयार की है, जिसमें संस्था प्रधानों ने स्कूल की सूचना को अब तक अपडेट नहीं किया है। यह सूची शिक्षा निदेशक को भेजी गई है। निर्देश के बाद कार्रवाई की जाएगी।
सतीश जोशी, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, रमसा, बूंदी





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