मुंबई। अगले सप्ताह शेयर बाजार की चाल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति के निर्णय और घरेलू और वैश्विक व्यापक आर्थिक आंकड़े मिलकर तय करेंगे। इसके साथ ही निवेशकों की नजर प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे, मानसून की चाल, वैश्विक बाजारों के रुख, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और घरेलू संस्थापक निवेशकों (डीआईआई) द्वारा किए गए निवेश, डॉलर के खिलाफ रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 4 से 6 जून तक होगी।
पिछली बैठक में आरबीआर्इ ने ब्याज दर में नहीं किया था कोर्इ बदलाव
यह वित्त वर्ष 2018-19 के लिए दूसरी द्विमासिक बैठक होगी। एमपीसी के निर्णय की जानकारी 6 जून को दोपहर 2:30 बजे जारी की जाएगी। आरबीआई ने 5 अप्रैल को हुई अपनी पिछली बैठक में प्रमुख ब्याज दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया था। वर्तमान में रेपो दर 6 फीसदी तथा रिवर्स रेपो दर 5.75 फीसदी है। मार्केट इकॉनमिक्स देश के सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन के मई के आंकड़ों को मंगलवार (5 जून) को जारी करेगी। निक्कई सर्विसेज पीएमआई अप्रैल में 51.4 पर तथा मार्च में 50.3 पर था।
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वैश्विक मोर्चे पर, अमरीका के आईएसएम गैर-विनिर्माण पीएमआई सूचकांक का मई का आंकड़ा मंगलवार (5 जून) को जारी किया जाएगा। आईएसएम गैर-विनिर्माण पीएमई अप्रैल में गिरकर 56.8 पर रहा, जबकि मार्च में यह 58.8 पर था। अमेरिका अपने व्यापार संतुलन के अप्रैल के आंकड़े बुधवार (6 जून) को जारी करेगी। मार्च में अमेरिका का व्यापार घाटा हल्के सुधार के साथ 49 अरब डॉलर रहा था, जबकि फरवरी में यह 57.7 अरब डॉलर था।
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चीन अपने व्यापार संतुलन के मई के आंकड़ों का खुलासा शुक्रवार (8 जून) को करेगी। चीन का व्यापार अधिशेष अप्रैल में घटकर 28.78 अरब डॉलर रहा, जबकि मार्च में यह 37.45 अरब डॉलर था।
(उपरोक्ती काॅपी आर्इएनएस फीड से प्रस्तुत की गर्इ है।)





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