नई दिल्ली। खेल मंत्रालय ने पूर्व खिलाड़ियों को एक बड़ी सौगात देते हुए उनकी पेंशन दोगुनी कर दी है। गुरुवार को खेल मंत्रालय ने अपनी पेंशन नीति में संशोधन करते हुए पूर्व खिलाड़ियों को दी जाने वाली पेंशन राशि दोगुनी कर दी है। अब ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रति माह 20 हजार रुपए मिलेगा। साथ ही पैरालंपिक खेलों का पदक विजेता भी ओलंपिक पदक विजेता के बराबर की राशि पाएगा। विश्व कप या एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता को 16000, रजत पदक विजेता को 14000 और कांस्य पदक विजेता को 12000 रुपए पेंशन के तौर पर दिए जाएंगे।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी जानकारी-
इस बात की जानकारी खेल मंत्रायल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कि पैरालंपिक खेलों और पैरा एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को ओलंपिक खेलों और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं के बराबर पेंशन दी जाएगी और प्रत्येक चार साल में एक बार होने वाली विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता के नाम पर पेंशन के लिए विचार होगा।
ये है दो शर्त-
संशोधित नियमों के तहत खिलाड़ी ने सक्रिय खेल करियर को अलविदा कह दिया हो और साथ ही योजना के अंतर्गत पेंशन का आवेदन करते हुए 30 बरस की उम्र हासिल कर ली हो। खिलाड़ियों को इस संदर्भ में आवेदन फार्म के साथ शपथ पत्र देना होगा। मौजूदा पेंशनभोगियों के संदर्भ में पेंशन की संशोधित राशि एक अप्रैल 2018 से लागू होगी।
हजारों खिलाड़ियों को होगा फायदा-
पेंशन बढ़ाए जाने का भारत के हजारों पूर्व खिलाड़ियों को फायदा होगा। बता दें कि अक्सर ही मीडिया में ऐसी खबरें आती रहती है कि पूर्व पदकधारी खिलाड़ी बेहद गरीबी में अपना जीवन जी रहा है। ऐसे में पेंशन राशि को दोगुना किया जाना पूर्व खिलाड़ियों के लिए बड़ी बात है। पेंशन राशि बढ़ाई जाने से न केवल इन पूर्व खिलाड़ियों की माली हालत में सुधार होगी। साथ ही खेल के प्रति लोगों का रुझान भी अच्छा होगा।





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