नर्इ दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने आज मर्इ माह के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से हाेने वाले राजस्व संग्रह के आंकड़े जारी किए। मंत्रालय ने बताया कि मर्इ माह में सरकार को जीएसटी से 94,016 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। इससे पहले अप्रैल महीने में जीएसटी कलेक्शन 1.13 ट्रिलियन रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर था। 2017-18 में सरकार का कुल मासिक औसत जीएसटी कलेक्शन 89,885 करोड़ रुपये था। सरकार के वित्त सचिव हंसमुख अधिया ने ट्वीट किया कि मई माह में जीएसटी संग्रह ई-वे बिल के कारण बढ़ा था। अब सरकार ने हर महीने जीएसटी संग्रह में 1 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्या रखा है जबकि पहले यह 90 हजार करोड़ रुपये था।
The total GST collection for May 2018 is Rs 94,016 crores, which is higher compared to average monthly collection of Rs 89,885 crores of 2017-18. This reflects better compliance after introduction of e-way bills.
— Dr Hasmukh Adhia (@adhia03) June 1, 2018
62.46 लाख रही जीएसटी रिटर्न की संख्या
उन्होंने बताया कि अप्रैल से 31 मर्इ तक भरे गए रिटर्न की संख्या 62.46 लाख रही, जबकि इससे पहले मार्च से 30 अप्रैल तक भरे गए रिटर्न की संख्या है। मंत्रालय के मुताबिक, मर्इ माह में जीएसटी से होने वाले 94,016 करोड़ रुपए के कर संग्रह में केन्द्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) 15,866 करोड़ रुपए, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) 21,691 करोड़ रुपए आैर एकीकृत जीएसटी (आर्इजीएसटी) 49,120 करोड़ रुपए रहा। आपको बता दें कि तकनीकी रूप से ये ये संग्रह अप्रैल माह का है जिसकी गणना मर्इ माह में की गर्इ है।
अप्रैल माह में लागू किया गया था र्इ-वे बिल
जीएसटी ई-वे बिल 1 अप्रैल से सभी के लिए अनिवार्य कर दिए गए थे। इंटर स्टेट र्इ-वे बिल लागू किए जाने के बाद कर संग्रह का ये पहला महीना है। बता दें कि बाद में इसे इंट्रा-स्टेट के लिए भी लागू किया गया है। इस बिल के तहत यदि आप 50,000 रुपए तक के सामान को एक राज्य से दूसरे राज्य या एक ही राज्य के अंदर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं तो इसके लिए आपको र्इ-वे बिल लेना अनिवार्य है। किसी रजिस्टर्ड व्यक्ति या ट्रांसपोर्ट द्वारा जीएसटी काॅमन पोर्टल के जरिए इस जेनरेट किया जा सकता है।





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