बूंदी. बिजली के करंट से आए दिन हादसे और कई लोगों की जान चले जाने के बावजूद जिम्मेदार महकमे की नींद नहीं खुल रही।
बूंदी शहर में पहाड़ी के करीब बसी बस्तियों में अवैध कनेक्शन के लिए लोगों ने तार खुले छोड़ रखे हैं। तारों को जमीन पर बिछा रखा है जिसमें प्रवाहित होता करंट भीषण दुर्घटना को खुला न्योता दे रहा है। शहर के नैनवां रोड नवजीवन संघ और रजतकॉलोनी के करीब तो मानो करंट की माइंस बिछा रखी हो। यहां आस-पास बसे लोगों की हर वक्त सांसत में जान अटकी हुई है। अब बारिश शुरू होते ही यहां भीषण हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। बेबस लोगों की माने तो इस अवैध बिजली माइंस को हटाने को लेकर उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा। जबकि इस पूरे खेल से बिजली निगम के अधिकारी भली-भांति परिचित है। यह समूचा क्षेत्र रामगढ़ विषधारी अभयारण्य क्षेत्र में बताया।
लग रहे झटके
नवजीवन संघ और रजतगृह कॉलोनी के अंतिम छोर पर पहाड़ी की ओर जमीन पर बिछे इन तारों से करंट जमीन में प्रवाहित हो रहा है। यहां हल्की बारिश में ही जमीन में झटके लगने लगते हैं। शाम की वक्त इस ओर जाने वालों को रोकना पड़ता है।
मवेशी हो रहे शिकार
इन बिजली के तारों का सर्वाधिक शिकार मवेशी हो रहे हैं। कई वन्य जीवों की भी मौत हो चुकी। यहीं के बाशिंदे महेश शर्मा ने बताया कि जमीन में बिछ रहे इन तारों में हर वक्त करंट प्रवाहित होता रहता है। जब कोई मवेशी इन तारों से छू जाता है तो उसकी मौत हो रही है। कई वन्यजीव भी मौत के घाट उतर चुके।
वसूल रहे मोटी रकम
जानकार लोगों ने बताया कि बिजली चोरी के इस इस खुले खेल में बिजली निगम के अभियंता खूब चांदी कूट रहे हैं। जिन लोगों ने अवैध तरीके से तार बिछा रखे हैं इनसे भी वसूली कर रहे हैं, साथ ही छीजत को मेंटेन करने के लिए इन अवैध बिजली कनेक्शन की खपत को शहर के बाशिंदों के बिलों में जोड़ा जा रहा है।
एक पखवाड़े में आधा दर्जन की मौत
बिजली के करंट से एक पखवाड़े में ही आधा दर्जन लोगों की मौत हो चुकी। बिजली का तार टूटकर गिरने से बाइक सवार कोयला हो गया था। करंट घर में उतरने से पिता-पुत्र की मौत हो चुकी। लाइनमैन और ननिहाल में आए किशोर की मौत भी किसी से छिपी नहीं है। बावजूद बिजली निगम के अभियंता इस खुले खेल पर पाबंदी नहीं लगा रहे।
जयपुर विद्युत वितरण निगम, बूंदी के अधिशासी अभियंता जे.पी. मीणा का कहना है कि बिजली के तार यदि जमीन पर बिछे हुए हैं तो इसे दिखवाएंगे। हादसे नहीं हो इसे लेकर पूरे प्रयासरत हैं।





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