नीमकाथाना. घर में खुशियां आने वाली थी। हर किसी को उस पल का इंतजार था जब परिवार में कोई नन्हा सा मेहमान आएगा, मगर सारी खुशियां उस वक्त मातम में बदल गई जब बच्चे को जन्म देने के बाद मां ने दुनिया छोड़ दी। प्रसूता के परिजनों का आरोप है कि उसकी मौत चिकित्सकों की घोर लापरवाही से कारण हुई है।
मामला राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना का है। हुआ यूं कि पाटन निवासी सुनील की पत्नी राजबाला वर्मा के रविवार शाम को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन राजबाला को नीमकाथाना के राजकीय कपिल अस्पताल लेकर आए।
यहां देर शाम राजबाला ने बेटे को जन्म दिया, मगर इसके बाद राजबाला की तबीयत खराब हो गई। चिकित्सकों ने उसे जयपुर रैफर कर दिया। परिजन राजबाला को जयपुर लेकर गए। वहां रातभर उसका उपचार हुआ, मगर सोमवार सुबह नौ बजे राजबाला की मौत हो गई।
मौत के बाद बवाल
राजबाला की मौत के परिजन गुस्सा हो गए और जयपुर से उसका शव नीमकाथाना के कपिल अस्पताल आ गए। यहां पर परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि राजबाला के ब्लीडिंग हो गई थी। नीमकाथाना के डॉक्टर यहीं पर उसका समय रहते उपचार करते तो उसे रैफर करने की नौबत नहीं आती और उसकी जान बच सकती थी। डॉक्टरों को ऐसी लापरवाही नहीं करनी चाहिए थी।
शाम को लिया शव
अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे परिजनों से अस्पताल प्रबंधन ने समझाइश की और दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर शाम को परिजनों ने राजबाला का शव ले लिया।
दो साल पहले हुई थी शादी
राजबाला नीमकाथाना इलाके के ही गांव दीपावास की रहने वाली थी। उसकी वर्ष 2016 में पाटन के सुनील के साथ शादी हुई थी। शादी के बाद राजबाला व सुनील का यह पहला बच्चा था। प्रसव के दौरान राजबाला की मौत हो गई और बेटा सकुशल है।





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