बीकानेर. फोरलेन कोटगेट ओवरब्रिज व कोटगेट अण्डर ब्रिज फोरम के सदस्यों ने मंगलवार को जिला कलक्टर से मुलाकात कर रेल फाटक समस्या के समाधान के लिए ४-लेन कोटगेट ओवर ब्रिज के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सार्दुल सिंह सर्किल से स्टेशन रोड तक प्रस्तावित एलीवेटेड रोड उचित नहीं है। यह फोर लेन नहीं है और १९१ करोड रुपए का मुआवजा बांटने पर भी लोगों को राहत नहीं मिलेगी। फोरम के सचिव मनोज कामरा के अनुसार कलक्टर को बताया कि साल २००६ में एलीवेटेड रोड के डिजाईन होने के समय से ही ४-लेन कोटगेट ओवर ब्रिज इसका बेहतर विकल्प रहा है।
यह वर्तमान में प्रस्तावित एलीवेटेड रोड से कम लागत वाला, तीन की बजाय चार लेन, केईएम रोड पर बने स्ट्रक्चर को बिना छेड़े और सौन्दर्यकरण को नष्ट किए बिना बनने वाला मार्ग है। इससे शहरवासियों को राहत भी मिलेगी। कलक्टर को बताया कि राज्य सरकार ने एलीवेटेड रोड के प्रस्ताव को वर्ष २००७ में निरस्त कर दिया था। दस सालों के बाद अचानक केन्द्र सरकार से बजट की आस में स्वीकृति दी गई व फिर कार्यकारी एजेन्सी एनएचएआई ने जान बूझकर कोटगेट ओवरब्रिज विकल्प का तकनीकी परिक्षण करवाने की अनदेखी करते हुए एलीवेटेड रोड को ही बेहतर विकल्प घोषित किर दिया। इस दौरान फोरम उपाध्यक्ष हरी सिंह गुजर आदि मौजूद रहे।
हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर विधि मंत्री से मिले
बीकानेर. अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के नेतृत्व में केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद से शास्त्री भवन, नई दिल्ली में मिला एवं बीकानेर में हाईकोर्ट बैंच स्थापित करने की मांग पर अपना पक्ष रखा। मेघवाल ने विधि आयोग से सस्ता व सुलभ न्याय प्रत्येक व्यक्ति को उपलब्ध करवाने की मंशा की ओर ध्यान दिलाते हुए रविशंकर प्रसाद से बीकानेर में हाईकोर्ट बैंच स्थापित करने की मांग का समर्थन किया। प्रतिनिधि मंडल में अशोक भाटी, आरके दास गुप्ता, कुलदीप शर्मा, संतनाथ योगी, अजय कुमार पुरोहित, मुमताज अली भाटी, सुरेन्द्रपाल शर्मा, सतपाल सहू, सुभाष सहू आदि शामिल थे।





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