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दूषित पानी पीने को मजबूर सूरतगढ़ थर्मल कर्मचारी

सूरतगढ़ थर्मल. सूरतगढ़ तापीय परियोजना प्रशासनिक भवन में काम करने वाले सैकड़ो कर्मचारी एवम आगन्तुक वर्षो से छतों पर रखी पेयजल टँकियो की सफाई न होने से दूषित पानी पीने को मजबूर है। भवन की छतों की सफाई न होने से झाड़ झंकाड के अलावा बड़े बड़े पेड़ उग गए है जिसके कारण इमारतों को तो नुकसान पहुंच ही रहा है।साथ ही साथ सफाई के आभाव से बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। इस सम्बन्ध में भवन में कर्मचारियों सहित श्रमिक संगठनों द्वारा कई बार परियोजना के सिविल विभाग अवगत करवाया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या जस की तस है।

 

खुली पड़ी पेयजल टँकिया-
प्रशासनिक भवन पर लगाई गई कुल 12 टँकियो में से 9 के ढक्कन गायब है। जिसके कारण इनमे गन्दगी भर रही है। एवम भवन में चलने वाले कार्मिक, प्रशासनिक, लेखशाखा, सुपर क्रिटीकल इकाईयो के कार्यालय सहित एक्स सर्विस मेंन कार्यालय एवम आवास के अलावा सैकड़ो आगन्तुको को दूषित पेयजल पीना पड़ रहा है। हालांकि भवन में लगे कुछ वॉटर कूलर मर फिल्टर लगा हुआ है। लेकिन सामान्य नलो में वही दूषित जल आ रहा है।

 

छते बनी जंगल-

पेयजल टँकियो के फ्लोट वाल्व खराब होने एवम नियमित रूप से सफाई नही होने से टँकियो से पानी ओवर फ्लो होकर छतों पर फ़ैल रहा है। जिससे छतों पर नीम, पीपल, सुरेश, शीशम आदि के पेड़ सहित घास फूस का जंगल बन गया है। इसके अलावा कचरे से अवरुद्ध नालियों से छतों पर जमा पानी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा रहा है।

 

सिविल विभाग की त् देखी-
सूरतगढ़ विद्युत उत्पादन मजदूर यूनियन इंटक के अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि सिविल विभाग की अकर्मण्यता के कारण सैकड़ो कर्मचारियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रही है। शुद्ध पेयजल नही मिलने के कारण कर्मचारियों को घरों से पानी की बोतले लेकर आनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि वर्षो से साफ सफाई के अभाव में कचरे से भरी टँकियो के कारण पाइपों में कचरा फंसने से नीचे पानी ही नही पहुँच रहा है। बार बार मौखिक एवम लिखित रूप से अवगत करवाने के बावजूद भी पेयजल टँकियो की सफाई नही करवाई जा रही है।

 

हो सकते है जलजनित रोग-

परियोजना के चिकित्सक विपिन मित्तल ने बताया कि पेयजल टँकियो की नियमित सफाई आवश्यक है। अन्यथा नलों से आने वाला फिल्टर किया हुआ पानी टँकियो की गंदगी से पुनः दूषित हो के जलजनित बीमारियां फैला सकता है।


विभागीय पक्ष-
"पाईप लाइन में चोकिंग की वजह से नीचे पानी नहीं पहुंच रहा था उसे सही करवा दिया गया है। भवन की छतों सहित पेयजल टँकियो की साफ सफाई एवम ढक्कन शीघ्र लगवाए जाएंगे। एम एल शर्मा मुख्य अभियंता सूरतगढ़ थर्मल।



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