मलारना डूंगर. मलारना चौड़ में पहले ही धरातल में समाता जल स्तर चुनौती साबित हो रहा है। ऊपर से कुप्रबंधन के चलते लडखड़़ाई जलवितरण व्यवस्था ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए हैण्डपम्पों पर पसीना बहा रहे हैं, लेकिन फिर भी निजात नहीं मिल रही। आलम यह है कि खारे पानी के हैण्डपम्पों पर जहां लोगों की भीड़ लगी रहती है। वहीं अब स्थानीय निवासी हलक तर करने के लिए कई किलोमीटर का सफर तय कर खेतों में बने नलकूप व कुओं से पानी ला रहे हैं। जल संकट से निजात पाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर सामाजिक संगठन तक कभी जलदाय अधिकारियों के तो कभी राजनेताओं के दरबार में गुहार लगा रहे है, लेकिन समाधान होता नजर नहीं आ रहा है।
इन मोहल्लों में है अधिक परेशानी
वार्ड पंच साबूती मीना ने बताया कि यूं तो मलारना चौड़ कस्बा तालाबों से घिरा है, लेकिन सरकारी मशीनरी के खराब प्रबंधन के चलते नाई मोहल्ला, बीचला साथ, पीर जी की गली, बैरवा मोहल्ला, खटीक मोहल्ला, वाल्मीकि बस्ती, पूर्विया मोहल्ला, फकीरों की गली, पामेला मोहल्ला सहित मुख्य विभिन्न गली मोहल्लों में पेयजल किल्लत है। नलों से पानी सप्लाई का कोई समय निश्चित नहीं है।
यहां से लाते हैं पानी
नलों से जलापूर्ति ठप होने के बाद स्थानीय लोग नाई मोहल्ले के हैण्डपम्प से पानी भरते हैं, लेकिन खारा होने के कारण इसे पी नहीं सकते। ऐसे में पीने के लिए दुर्गा सागर स्थित तेजाजी महाराज के स्थान से पानी ला रहे थे, लेकिन यहां भी दस दिनों से पानी की मोटर खराब है। ऐसे में अनियाला रोड सहित गांव के बाहर लगे हैण्डपम्पों से पानी लाकर काम चलातेे हैं।
टैंकरों पर नहीं गौर
वार्ड पंच साबूती मीना ने बताया कि मलारना चौड़ में जल संकट को देखते हुए उन्होंने कई बार पंचायत की पाक्षिक बैठक में टैंकरों से जलापूर्ति की व्यवस्था करने की मांग रखी, लेकिन किसी ने भी उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया। इस बारे में सरपंच के अलावा विभागीय व प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछनहीं मिला।
जनप्रतिनिधि भी नहीं सुन रहे
मलारना चौड़ वासी पानी की मांग को लेकर विधायक दीयाकुमारी व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया के यहां भी पहुंचे, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। यहां से भी ग्रामीण आश्वासनों के साथ खाली हाथ लौटे।





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