चित्तौडग़ढ़. नए शैक्षिक सत्र से पहले शिक्षा विभाग में तबादलों का महाकुंभ शुरू हो गया है। शिक्षा विभाग ने ३१ मई की तिथि से शुक्रवार को जिले में प्रारम्भिक शिक्षा के २२४ शिक्षकों के स्थानान्तरण की सूची जारी की है। इनमें अध्यापक, प्रबोधक एवं शारीरिक शिक्षक शामिल है। सूची से कई शिक्षकों के चेहरे खिल गए है तो पूरा जोर लगाने के बावजूद सूची में नाम नहीं देख निराश होने वाले भी कम नहीं है। निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के शासन उप सचिव संजय कुमार ने ये आदेश जारी किए है। ये आदेश प्रारम्भिक शिक्षा एवं पंचायतीराज विभाग से सक्षम स्तर से अनुमोदित है। राज्य में ३३ जिलों में करीब १२ हजार शिक्षकों के स्थानानतरण किए गए है। जिलावार स्थानान्तरण सूचियां जारी की गई है। सूचियां विभाग की वेबसाईट पर भी उपलब्ध कराई गई है। जिले के २२४ शिक्षकों की स्थानान्तरण सूची जारी होते ही तबादले की चाह रखने वाले शिक्षक सक्रिय हो गए। ऐसे शिक्षक सूची देख ये जानने में जुट गए कि उनका तबादल मांगे गए स्थान पर हुआ है या नहीं।
दस तक काम नहीं संभाला तो आदेश निरस्त
स्थानान्तरण आदेश में ये स्पष्ठ किया गया है कि आदेश नियमों के अनुरूप होने पर सम्बन्धित जिला शिक्षा अधिकारी को कार्मिक को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करना होगा। ऐसे कार्मिक को १० जून तक अनिवार्य रूप से कार्यग्रहण करना होगा अन्यथा स्थानान्तरण आदेश स्वत प्रभाव से निरस्त समझा जाएगा। स्थानानतरित कार्मिकों को शाला दर्शन पोर्टल के माध्यम से ही कार्यमुक्त एवं कार्य ग्रहण करवाना होगा।
जनप्रतिनिधियों का रहा दखल
शिक्षकों के स्थानान्तरण आदेश भले प्रशासनिक प्रक्रिया से जारी हुए हो पर इनमें मुख्य आधार क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा ही रही। चुनावी वर्ष होने से विधायकों की अनुंशसा का खास ध्यान रखा गया। पार्टी संगठन की ओर से की गई अनुंशसा को भी स्थानान्तरण सूची तैयार करते समय ध्यान
रखा गया।
सूची में नाम होने पर भी ये रहेंगी शर्तें
स्थानान्तरण सूची में नाम आने के बावजूद कार्मिक को कार्यमुक्त या कार्यग्रहण करने को लेकर विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को कई तरह के निर्देश जारी किए है। इन निर्देशों की पालना होने पर ही कार्मिक नए पद पर जा सकेगा। इनमें प्रमुख शर्ते कुछ इस तरह है।
प्रशासनिक कारणों से स्थानान्तरण होने पर यदि हटने वाला कार्मिक निर्धारित गंभीर रोग(कैंसर, किडनी प्रत्यरोपण, बे्रन ट्यूमर, पूर्र्णत दिव्यांग या दृष्टिहीन) से ग्रसित है तो उन्हें कार्यमुक्तनहीं कर उनके विरूद्ध आने वाले कार्मिक को पुन: मूल पदस्थापना के लिए भेजा जाए।
स्थानान्तरण सूची में नाम होने के बावजूद परीवीक्षाकाल पूर्ण न होने की स्थिति में कार्मिक को कार्यमुक्तनहीं किया जाएगा।
प्रबोधक को शहरी क्षेत्र के लिए कार्यमुक्तनहीं किया जाएगा।
शून्य नामांकन वाले स्कूल में किसी का स्थानान्तरण होने पर कार्यग्रहण या कार्यमुक्तनहीं किया जाए।
स्थानान्तरित शिक्षक को कार्यमुक्तकरते समय ये सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल शिक्षक विहीन नहीं हो जाए बशर्र्त वे शून्य नामांकन वाला नहीं हो।
टीएसपी से गैर टीएसपी क्षेत्र के लिए स्थानान्तरित कार्र्मिकों को कार्र्यमुक्त या कार्यग्रहण नहीं कराया जाएगा।
लेवल प्रथम के अध्यापक को लेवल द्वितीय पद के लिए कार्यग्रहण एवं कार्यमुक्त नहीं करना होगा।
लेवल द्वितीय गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी के अध्यापक को उसके समान पद व विषय के लिए ही ऐसा किया जाए।
लेवल प्रथम के पद पर केवल लेवल द्वितीय के सामाजिक विज्ञान, तृतीय भाषा एवं हिंदी के कार्मिक को कार्र्यमुक्त एवं कार्यग्रहण कराया जा सकता है।





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