जयपुर। आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। दुनियाभर में योग दिवस मनाया जा रहा है। प्रदेश का मुख्य योग कार्यक्रम आज कोटा में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और स्वामी रामदेव ने हिस्सा लिया। कोटा में 2 लाख से अधिक लोगों ने योगाभ्यास करके गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए दावा पेश किया गया।
राजधानी जयपुर में भी सुहाने मौसम में हजारों लोगों ने एक साथ में योग किया। जयपुर का जिला स्तरीय योग कार्यक्रम सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित हुआ। यहां पर गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, भाजपा नेता अशोक परनामी, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी, जयपुर सांसद रामचरण बोहरा, महापौर अशोक लाहोटी और जिला कलक्टर सिद्धार्थ महाजन सहित अनेक गणमान्य लोगों ने योगाभ्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सुबह से ही शहर के लोग एसएमएस स्टेडियम पहुंचना शुरू हो गए। सुबह सही 6.30 बजे लोगों ने योग के लिए स्थान तय कर लिया। सही 7 बजे से एसएमएस स्टेडियम में योगाभ्यास शुरू हुआ, जिसमें योग ट्रेनर्स ने लोगों को योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास करवाया। आज सुबह से ही आसमान में छाए बादलों के कारण मौसम सुहाना हो गया। हल्की बूंदाबांदी के बीच योगाभ्यास का नजारा देखते ही बना। इसके साथ ही प्रदेशभर के स्कूल और कॉलेजों में भी योग का कार्यक्रम हुआ। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र—छात्राओं, शिक्षकों व स्टाफ के साथ ही अन्य स्थानों पर योग का कार्यक्रम हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया।
ये रहा कार्यक्रम
सुबह सही 7 बजे योग संदेश व योग की योग प्रशिक्षकों ने 10 मिनट की जानकारी दी। इसके बाद 2 मिनट के ओम के उच्चारण के साथ योग कार्यक्रम शुरू हुआ। 6 मिनट के लिए सूक्ष्म व्यायाम हुआ, जिसमें ग्रीवा चलन, स्कन्ध चालन, कटि चालन, जानु चालन आदि व्यायाम कराए गए। पांच मिनट तक खड़े आसन कराए गए, जिसमें ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अदृर्धचक्रासन,त्रिकोणासन कराए गए। आठ मिनट के लिए भ्रदासन, वज्रासन, अदृर्ध उष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन, उत्तान मण्डूकासन व वक्रासन कराया गया।
तीन मिनट के लिए उल्टा लेटने वाले मकरासन, भुजंगासन और शलभासन कराए गए। सीधे लेटकर पांच मिनट के लिए सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अदर्धहलासन, पवन मुक्तासन व शवासन कराया गया।
इसके बाद कपालभाति, अनुलोम विलोम, शीतली, भ्रमारी, समाधि मुद्रा ध्यान आदि कराए गए। अंत में गृहमंत्री ने सभी को संकल्प दिलाया। इसके बाद शांतिपाठ से योग कार्यक्रम का समापन हुआ।





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