गुढ़ागौडज़ी.
पौंख गांव में कब्रिस्तान की जमीन पर कथित रूप से 10 वर्ष पहले फर्जी पटटा जारी करके उस पर दो करोड़ रुपए का इलाहाबाद बैंक जयपुर से लोन उठा लेने के मामले में चर्चा में आए पौंख के पूर्व सरपंच मूलचन्द सैनी पर फर्जीवाड़े के पहले भी कई आरोप लग चुके हैं।फर्जी टीसी लगाकर चुनाव जीतने के मामले में सरपंचाई भी जा चुकी है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2015 में सरपंच के हुए चुनाव में शैक्षिक योग्यता के लिए उन्होंने गांव के ही राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल की कक्षा आठवीं पास की टीसी लगाई थी। इसके बाद वे सरपंच का चुनाव भी जीत गए थे। लेकिन चुनाव के बाद उनके सामने चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशी ने मूलचन्द सैनी द्वारा शैक्षिक योग्यता के लिए लगाई टीसी को फर्जी बताते हुए न्यायलय में चुनौती दी। न्यायालय की ओर से करीब एक वर्ष पहले सरपंच मूलचन्द सैनी की शैक्षिक योग्यता के लिए लगाई कक्षा आठ की टीसी की जांच के बाद फर्जी मानते हुए निर्धारित शैक्षिक योग्यता नही होने पर उसे अयोग्य घोषित करते हुए सरपंच का चुनाव शून्य घोषित करके दोबारा से चुनाव कराने का निर्देश दिया। न्यायालय के आदेश पर एक वर्ष पहले ग्राम पंचायत पौंख के दोबारा से चुनाव भी हो चुके हैं। सरपंच के एक वर्ष पहले हुए उप चुनाव में मूलचन्द सैनी ने अपने भाई बाबूलाल को सरपंच प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा। लेकिन वे वर्तमान सरपंच घासीराम से भारी मतों से हार गए। मूलचन्द सैनी पौंख के दो बार सरपंच रह चुके हैं।
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66 लाख के गबन का भी आरोप
उप चुनाव के बाद वर्तमान सरपंच घासीराम की ओर से सरपंच मूलचन्द सैनी के कार्यकाल में विकास कार्यों में अनियमिताएं बरतने का आरोप लगाकर शिकायत की गई थी। जिस पर जांच में उनके कार्यकाल में हुए विकास कार्यों में 6 6 लाख रुपए का गबन करने का मामला प्रकाश में आया था। उस समय यह मामला काफी सूर्खियों में रहा था। गौरतलब हैकि पौंख गांव के पूर्व सरपंच मूलचन्द सैनी पर दिसम्बर 2010 को दो आवासीय पट्टे कब्रिस्तान की भूमि पर जारी कर उस पर दो करोड़ रुपए का लोन उठाने का आरोप है।





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