हिण्डौनसिटी . चारागाह भूमि पर अतिक्रमण से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को लहचौडा गांव में राजस्व लोक अदालत नहीं लगने दी। ग्रामीणों ने प्र्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही अटल सेवा केन्द्र पर ताला जड़ दिया। बाद में निर्धारित समय पर पहुंचे एसडीओ, तहसीलदार समेत विभिन्न महकमों के अधिकारियों को भी भगा दिया। दोपहर बाद पुलिस बल की मौजूदगी में फिर से प्रशासन गांव में पहुंचा औैर सरकारी स्कूल में शिविर लगाने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने एक भी फरियादी को वहां पहुंचने नहीं दिया।
सुबह करीब १० बजे सरपंच रमनलाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अटल सेवा केन्द्र पर ताला लगा दिया और धरना देकर बैठ गए। कुछ देर बाद एसडीओ दुलीचंद मीणा व तहसीलदार घनश्याम जोशी विभिन्न विभागों के अधिकारियों को साथ ले सरकार की फ्लैगशिप योजना 'न्याय आपके द्वारÓ के तहत आयोजित राजस्व लोक अदालत में सुनवाई करने पहुंचे। लेकिन अटल सेवा केन्द्र पर ताला लगा देख उन्होंने ग्रामीणों से पूछताछ की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की चारागाह भूमि पर कुछ लोगों ने पक्के निर्माण कर अतिक्रमण कर रखें हैं। लेकिन न्यायालय के बावजूद प्रशासन ने अतिक्रमणों को ध्वस्त नहीं किया। ग्रामीणों ने कब्रिस्तान की भूमि को लेकर चल रहे विवाद का निस्तारण नहीं होने पर भी नाराजगी व्यक्त की। इस पर एसडीओ ने मामले की जानकारी लेकर समस्या समाधान करने की बात कही, लेकिन ग्रामीण अतिक्रमण हटाने की मांग पर अड़ गए। इतना ही नहीं लोगों की भीड़ प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए उग्र होने लगी और कुछ लोग अधिकारियों से अभद्रता पर उतर आए। लोगों के गुस्से को देखते हुए अधिकारी करीब १२ बजे हिण्डौनसिटी आ गए। जहां एसडीओ ने कलक्टर को मामले की जानकारी दी।
बाद में करीब दो बजे सदर थानाप्रभारी रामवीरसिंह मय जाप्ता के मौके पर पहुंचे तथा लोगों से समझाईश की, लेकिन ग्रामीणों ने अटल सेवा केन्द्र का ताला नहीं खोलने दिया। बाद में पुलिस बल की मौजूदगी में गांव के सरकारी विद्यालय में शिविर लगाने की कोशिश की। जहां नाराज ग्रामीणों ने एक भी फरियादी को वहां नही पहुंचने दिया। इससे एक भी प्रकरण का निस्तारण नहीं हो सका। शाम को पुलिस उपाधीक्षक मंजीतसिंह भी मौके पहुंचे तथा लोगों से समझाईश की, लेकिन अंत तक चले सुलह के प्रयास बेनतीजा रहे।
ग्रामीणों के विरुद्ध होगी कार्रवाई
अटल सेवा केन्द्र पर ताला लगाकर ग्रामीणों ने राजस्व लोक अदालत शिविर नहीं लगने दिया। समस्या समाधान के आश्वासन व काफी देर तक समझाईश पर भी वे नहीं माने। जिन लोगों ने राजकार्य में बाधा उत्पन्न की है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-दुलीचंद मीणा, एसडीओ, हिण्डौनसिटी।





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