गंगापुरसिटी. सरकार की ओर से राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में तीन दिन दूध उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने दूध व बर्तनों की राशि का प्रावधान किया है, लेकिन दूध को मिठास देने के लिए चीनी के लिए राशि का प्रावधान नहीं किया है। ऐसे में विद्यार्थियों की फीके दूध की परेशानी को देखते हुए भामाशाहों से सहयोग लेने की कवायद की जा रही है। इस सम्बन्ध में ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी ने संस्था प्रधानों को भामाशाहों के माध्यम से मिठास की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मिड डे मिल योजना के तहत अन्नपूर्णा दूध योजना 2 जुलाई से शुरू होगी।
एक नजर में क्षेत्र के आंकड़े
87 राजकीय प्राथमिक विद्यालय
57 राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय
18516 कक्षा एक से 5 तक विद्यार्थी
8131 कक्षा 6 से 8 तक विद्यार्थी
यहां से खरीदेंगे
शहरी क्षेत्र के विद्यालय डेयरी बूथ से दूध खरीदेंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में शाला प्रबंध समिति पंचायत क्षेत्र की महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति से खरीद करेंगी। समिति के पास दूध उपलब्ध नहीं होने पर सरकार की ओर से निर्धारित वैकल्पिक स्थानों से दूध खरीदा जा सकेगा।
दर भी तय
सरकार की ओर से योजना के तहत दूध की दर भी निर्धारित की गई है। ग्रामीण क्षेत्र के लिए 35 रुपए लीटर दूध की दर तय की गई है। वहीं शहरी क्षेत्र के लिए 40 रुपए प्रति लीटर की दर है। कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी पर एक दिन में 5 रुपए 25 पैसे तथा कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी पर प्रतिदिन 6 रुपए खर्च होंगे।
किसे कितना
योजना के तहत कक्षा एक से 5 तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में प्रत्येक तीन दिन 150 मिलीलीटर तथा कक्षा 6 से 8 तक के
विद्यार्थियों को प्रतिदिन 200 मिलीलीटर दूध दिया जाएगा। शहरी क्षेत्र के लिए सोमवार, बुधवार व शुक्रवार का दिन निर्धारित है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्र में सोमवार, बुधवार, शुक्रवार अथवा मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
सहयोग लेंगे
- दूध योजना में चीनी का प्रावधान नहीं है। संस्था प्रधानों को भामाशाहों से सहयोग लेकर आवश्यकतानुसार दूध में मिठास घोलने की व्यवस्था करने को कहा है।
हनुमान गोयल,
बीईईओ, गंगापुरसिटी





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