धौलपुर। प्रदेश के खनन माफिया पहले ही पुलिस के लिए सिरदर्द बने हैं, अब मध्यप्रदेश के माफिया और सक्रिय हो गए। मंगलवार तडक़े मध्यप्रदेश के खनन माफियाओं ने जाटौली पुलिस चौकी पर सो रहे पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया।
दरअसल सोमवार रात करीब दो बजे मध्यप्रदेश के मुरैना के करीब 50 टै्रक्टर ट्रॉली चंबल से अवैध बजरी खनन कर कछियारा, खुर्द और सिंघावली होते हुए बरेह की तरफ जा रहे थे। सभी टै्रक्टरों में दो-तीन लठैत साथ थे।
सूचना पर जाटोली थाना पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया। कुछ बजरी खाली कर चले गए। इसके करीब दो घंटे बाद चार टै्रक्टरों में रेत माफिया आए और सो रहे जाटौली चौकी में सो रहे पुलिसकर्मियों पर पथराव और फायरिंग कर दी। इसके बाद ये लोग भाग छूटे। एक टै्रक्टर ट्रॉली पुलिस ने जब्त कर लिया। एमपी के होने के कारण इनकी पहचान नहीं हो सकी।
पुलिस की ओर से रेता चोरी रोकने को विशेष अभियान चलाकर प्रयास किया जा रहा है।
राजेश सिंह, एसपी धौलपुर
चम्बल का सीना छलनी
कोटा . चंबल घडिय़ाल सेंचुरी के रंगपुर एरिया में इन दिनों बेखौफ बजरी का अवैध खनन हो रहा है। खनन माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रेत भरकर प्रशासन को मुंह चिढ़ा रहे हैं। पत्रिका टीम ने जब रंगपुर गांव स्थित चम्बल नदी व आसपास के क्षेत्र में जाकर देखा तो दर्जनों मजदूर नाव के माध्यम से ट्रॉली में रेत भर रहे थे। जबकि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत सेंचुरी से किसी भी तरह का खनन नहीं किया
जा सकता।
दिनभर चलती हैं नावें
रंगपुर में हालत यह कि चंबल नदी किनारे करीब 2 दर्जन नावें लगी हैं। खनन माफिया इन्हीं से रेती निकालते हैं। 500 से 700 रुपए प्रति ट्रॉली रेत के लेते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां दिनभर में 40 से 50 ट्रॉली निकाल ली जाती है। कभी माइनिंग विभाग तो कभी पुलिस की जीप यहां आती जरूर है, लेकिन इन्हें रोकते नहीं।





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