उदयपुर. एमबी चिकित्सालय की आपातकालीन इकाई में बुधवार को भीषण गर्मी में झुलसे व उल्टी-दस्त के शिकार मरीजों को देखते-देखते खुद रेजीडेंट चिकित्सक भी उल्टी-दस्त की जकड़ में आ गया और इलाज के दौरान रात को उसकी मौत हो गई। वरिष्ठ चिकित्सकों उसे बचाने का अथक प्रयास किया लेकिन मौत के आगे किसी की नहीं चली। उसकी एकाएक मौत से रेजीडेंट व चिकित्सकों में शोक की लहर छा गई।
मेडिसिन विभाग में थर्ड इयर पीजी कर रहे रेजीडेंट डॉ.पवन कुमार केटी ने बुधवार सुबह 8 से 2 बजे तक इमरजेंसी में सेवाएं देकर उल्टी-दस्त के मरीजों को ही देख रहा था। ड्यूटी के बाद वह चेतक स्थित न्यू पीजी हॉस्टल में अपने रूम पर चला गया। करीब 3.50 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा। साथी उसे उठाकर तुरंत चिकित्सालय पहुंचे। जांच के बाद उसे मेडिकल आईसीयू में भर्ती किया गया। रेजीडेंट पवन के भर्ती होने के बाद डॉ.डी.पी. सिंह व अन्य सभी वरिष्ठ चिकित्सक वहां पहुंच गए।
रेजीडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ.राजवीर सिंह ने बताया कि आईसीयू में डॉ.पवन के फ्लूड चढ़ाते ही कुछ देर के लिए प्लस आई। इसीजी करने पर वह भी नार्मल आया। उसके बाद बीपी नहीं आने पर 4 घंटे तक चिकित्सकों ने सीपीआर देने के साथ ही अन्य सभी प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली। रात 10 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रात को चिकित्सकों ने शव को मुर्दाघर में रखवाने के साथ ही उसके परिजनों को सूचना दी।
साथियों ने नम आंखों से दी विदाई
सूचना मिलने पर सुबह मृतक डॉ.पवन के परिजन व रिश्तेदार एमबी चिकित्सालय पहुंचे। शव देखते ही पिता फफक पड़े। चिकित्सकों ने मेडिकल बोर्ड से मृतक का पोस्टमार्टम करवाया। सभी साथियों ने नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी। परिजन एम्बुलेंस से शव को अहमदाबाद ले गए, वहां से फ्लाइट से बेंगलूरू ले गए। चिकित्सकों ने डॉ.पवन की मौत वेन्ट्रीकूलर टेकी कार्डिया से होनी बताई है।





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