सबसे पाक पवित्र माह रमजान की जितनी तारीफ कि जाए कम है अल्लाह तआला ने रमजानुल मुबारक के माह में ही कुरआन मजीद जैसी पाक किताब को उतारना शुरु किया इस महिने की बरकत व फजीलत है कि एक नेकी के बदले कई गुना यहां तक सैकड़ो गुना ज्यादा पुण्य दिया जाता है। यही रमजान माह और रोजा एक व्यक्ति के जीवन मे किस प्रकार तब्दील करता है। शहर काजी हाफीज जाफर शेख ने बताया कि ....
रोज़ा रखने के बाद इंसान का आत्मविश्वास और आत्मसंयम व संकल्प शक्ति बढ़ जाती है। इंसान जान लेता है कि जब वह खाना-पानी जैसी चीज़ों को दिन भर छोड़ सकता है जिनके बिना जीवन संभव नहीं तो वह बुरी बातों व आदतों को तो बड़ी आसानी से छोड़ सकता है। जो व्यक्ति भूख बर्दाश्त कर सकता है वह दूसरी बातें भी बर्दाश्त कर सकता है।
रोज़ा इंसान में सहनशीलता के स्तर को बढ़ाता है।
रोज़ा इंसान से स्वार्थपरता और सुस्ती को दूर करता है।
रोज़ा ईश्वर की नेमतों खाना-पानी इत्यादि के महत्व का एहसास दिलाता है।
रोज़ा इंसान को ईश्वर का सच्चा शुक्रगुज़ार बन्दा बनता है।
रोज़े के द्वारा इंसान को भूख-प्यास की तकलीफ़ का अनुभव कराया जाता है, ताकि वह भूखों की भूख और प्यासों की प्यास में उनका हमदर्द बन सके।
रोज़ा इंसान में त्याग के स्तर को बढ़ाता है।
इस तरह हम समझ सकते हैं कि रोज़ा ईश्वर का मार्गदर्शन मिलने पर उसकी बड़ाई प्रकट करने उसका शुक्र अदा करने और परहेजग़ार बनने के अतिरिक्त न केवल इंसान के दिमाग़ बल्कि उसके शरीर पर भी बहुत अच्छा प्रभाव डालता है।
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फोटेा...
पांच माह बाद भी अधूरा पड़ा जीएसएस
दलोट. निकटवर्ती चकुन्डा में जीएसएस का कार्य 5 माह बीत जाने के बावजूद भी पूर्ण नहीं हो पाया है। यहां सांसद सीपी जोशी ने शिलान्यास किया था। जिसमें कार्य 3 महीने में पूर्ण करने का समय दिया था। उसके बावजूद भी 5 माह में यह कार्य अधूरा है। यहां लगाए गए पोल भी झुकने लगे हैं। विद्युत लाइन बिछाने को लेकर उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कुछ ही दिनों में मानसून ने दस्तक दी है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के समय फसल को नुकसान हो सकता है। रमेश तेली, शंकर, पूर्व सरपंच अनिल मीणा, बापूलाल, नानालाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने यहां काम शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।
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