सवाईमाधोपुर. बिजली शिकायतों का निस्तारण के लिए नए कन्ट्रोल रूम का उद्घाटन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से कराने में निगम अधिकारियों ने जितनी फुर्ती दिखाई थी, उतनी फुर्ती अब लोगों की शिकायत दूर करने में नहीं दिखा रहे। हालात ये कन्ट्रोल रूम अब उनको आफत लगने लगा है। वे लोगों की समस्याओं को बोझ मान रहे हैं।
कन्ट्रोल रूम को लेकर विद्युत निगम के अभियंता झुझला रहे हैं। जिला मुख्यालय पर शहर, मानटाउन व चकचैनपुरा फीडर से जुड़े शहरी इलाके में पिछले कुछ दिनों से लगातार बिजली गुल हो रही है, इसकी शिकायत लोग कन्ट्रोल रूम के निर्धारित मोबाइल फोन एवं लैण्डलाइन नम्बर पर करते हैं, उनकी शिकायतों को त्वरित निदान नहीं होता है। कन्ट्रोल रूम के नम्बर 07462-220337 पर सोमवार दिन में कई बार फोन किया, लेकिन वह लगा ही नहीं। मोबाइल नम्बर पर भी सुबह करीब 10 बजकर 21 मिनट से 25 मिनट तक तीन-चार बार फोन किया गया। इस बीच दो बार घंटी भी गई, लेकिन फोन नहीं उठाया। इसके बाद विद्युत निगम सहायक अभियंता एसके गुप्ता से बात की तो वे कन्ट्रोल रूम की बात सुनकर झुंझला उठे।
जनता का सवाल पूछा था...
सहायक अभियंता शहर से पत्रिका संवाददाता ने शहर में बिजली शिकायतों के लिए बनाए कन्ट्रोल रूम पर फोन नहीं उठाने एवं लैण्डलाइन फोन नहीं लगने के बारे में पूछा तो झुंझलाते हुए...
यों जवाब एईएन एसके गुप्ता ने...
'अरे वहां इतनी भीड़ हो जाती है कि कन्ट्रोल रूम वाला भी क्या करे। सबकी स्थिति खराब है। पब्लिक भी तुरंत प्रभाव से डकाडक फोन पर लग जाती है। काम तो करने नहीं देती है। फोन-फोन करती रहती है। फोन उठाए या काम करें। समस्या तो ये ही रहती है ना।
फिर कन्ट्रोम क्यों बनाया
हालांकि इसके बाद पत्रिका संवाददाता ने कहा कि सर फिर कन्ट्रोम क्यों बनाया गया है। लेकिन वे इसका जवाब नहीं सके और फोन काट दिया। गौरतलब है कि जनता की सुविधा के लिए ही तो कन्ट्रोल रूम है। ताकि वह शिकायत कर सके, लेकिन निगम अधिकारियों के ऐसे रवैए से लगता है उनको जनता से कोई सरोकार नहीं है।





No comments:
Post a Comment