जयपुर
मुसलमानों के राष्ट्रीय संगठन जमीयत उलेमा हिंद ने राजस्थान सरकार द्धारा प्रस्तावित राजस्थान मदरसा बोर्ड बिल 2018 को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ एक खतरनाक षड्यंत्र व मुसलमानों के धार्मिक मामलो मे हस्तक्षेप बताया है। जमियत के प्रदेश महासचिव मौलाना अबदुल वाहिद खत्री का कहना है कि भारतीय मुसलमानों का स्पष्ट मत है कि मदरसे हमारी धार्मिक आवश्यकता हैं। यहां अपनी पसंद के मुताबिक शिक्षा प्राप्त करना,संस्था स्थापित करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। गोरतलब है कि सरकार मदरसा बोर्ड एक्ट बनाने जा रही है।
बिल का हर स्तर पर होगा विरोध
संगठन का कहना है कि मदरसा बोर्ड की मौजूदा व्यवसथा नाकाम साबित हो रही है अब सरकार इस बिल के माध्यम से मदरसों की स्वायत्ता को खत्म करना चाहती है । जमियत के पदाधिकारियों का मानना है कि मदरसों मे आनेवाले बच्चों की तादाद बहुत कम है समाज का बहुत बड़ा हिस्सा शिक्षा के मामले में बुरी तरह पिछड़ा हुआ है। इन बच्चों को शिक्षित कर आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और सरकार इस जिम्मेदारी को पूरा करने मै विफल साबित हो रही है। इसलिए जमियत प्रस्तावित बिल को खारिज करती है अौर यह साफ करती है कि इस बिल का हर स्तर पर विरोध किया जायेगा अौर आखिरी दम तक इस बद नियती के खिलाफ सघर्ष किया जायेगा।
आगामी रणनीति तय की जायेगी
जमियत की राष्ट्रीय कार्य कारिणी की बैठक 30 जून को दिल्ली मे होगी जिसमें इस मुद्दे पर रणनीति तय की जायेगी । केंद्रीय नेतृत्व से दिशा निर्देश मिलने के बाद एक जूलाई को राज्य कार्यकारिणी की बैठक सरदारशहर में होगी ।
जरूरत हुई तो करेंगे कोर्ट का रुख
मदरसों के लिए सरकार यह बिल लेकर आई तो इससे मदरसों की स्वायत्ता को खतरा है। बिल लागू होने के बाद मदरसों में सरकार अपना दखल शुरू कर देगी जिससे मदरसों की पढ़ाई बाधित होगी। इस संबंध में हम आने वाले दिनों में प्रभावी कदम उठाऐंगे और पूरी कोशिश करेंगे कि यह बिल रुक जाये। मामले में यदि जरूरत हुई तो हम कोर्ट का रुख भी कर सकते हैं।
मौलाना अबदुल वाहिद खत्री
प्रदेश महासचिव, जमियत उलेमा हिंद राजस्थान
मदरसा बोर्ड बनेगा ताकतवर
जो लोग सरकार के इस बिल का विरोध कर रहे हैं उन्हें चाहिये कि इस बिल को समझें और यदि कोई सुझाव हो तो हमें बतायें। मदरसों की शुरूआत हुए सालों बीत गये लेकिन आज तक इसका कोई कानून ही नहीं बन पाया। यह बिल आने के बाद मदरसा बोर्ड ताकतवर बनेगा और खुद की स्कीमें खुद बना सकेगा। वैसे भी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों के मदरसा बोर्ड एक्ट बना हुआ है।
उस्मान चौहान
सदस्य, राजस्थान मदरसा बोर्ड





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