बूंदी. बूंदी आगार की अनुबंधित बस के चालक ने सोमवार को घर पर देसी कट्टे से खुद को गोली मार ली। गोली सीने से आर-पार निकल गई। वह मानसिक रूप से परेशान बताया। गंभीर घायल हाल में परिजन उसे जिला चिकित्सालय लाए, जहां से कोटा रैफर कर दिया है। जहां हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि 34 वर्षीय देवपुरा निवासी हरजीत सिंह बूंदी आगार में चालक लगा हुआ है। सोमवार सुबह उसने स्वयं को देसी कट्टे से घर पर गोली मार ली। गोली उसके सीने में बाई तरफ लगी और पार निकल गई। गोली की आवाज सुनकर परिजन कमरे में आए। परिजन बूंदी जिला अस्पताल ले गए, जहां से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद कोटा रैफ र कर दिया। कोटा एमबीएस अस्पताल में उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। हालांकि अब खतरे से बाहर बताया। सदर थाना प्रभारी अनिल जोशी ने बताया कि हरजीत के खिलाफ अवैध हथियार रखने और आत्महत्या का प्रयास करने का मामला दर्ज कर लिया।
मैनेजर कर रहा परेशान
परिजनों ने कोटा एमबीएस अस्पताल में आरोप लगाया कि रोडवेज में लगी अनुबंधित बसों का मैनेजर इसे परेशान कर रहा था और 3 माह से वेतन नहीं दिया गया। वेतन नहीं मिलने से वह परेशान था। इसी के चलते उसने आत्महत्या का कदम उठाया है।
चार दिन पहले हुई थी दुर्घटना
हरजीत के पिता ने बताया कि बिना छुट्टी के ही प्रतिदिन उसकी ड्यूटी लगाई जा रही है। इससे वह काफी परेशान है। चार दिन पहले ही कोटा रोड पर एक स्कूटी से बस टकरा गई थी। वह बस को छोड़ वहां से भाग गया था। इस बात को लेकर भी मैनेजर उससे रिकवरी करने व उसकी जमानत नहीं करवाने की बोल रहा है।
देसी कट्टा बरामद
वारदात की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दशरथ सिंह, सदर थाना प्रभारी अनिल जोशी व कोतवाली थाना प्रभारी रमेश तिवारी देवपुरा स्थित घटना स्थल पर पहुंचे। बारिकी से जांच की और साक्ष्य जुटाए। इस दौरान पुलिस को देसी कट्टा और हरजीत को लगी गोली बरामद हुई है। गोली हरजीत के सीने से पार होने के बाद दीवार से जा टकराई। यहां एमओबी टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। यहां आस-पास लोगों ने बताया कि हरजीत के भाई ने भी सुसाइड किया था। करीब एक वर्ष पहले उसने जहरीला पदार्थ खा लिया था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दशरथ सिंह का कहना है कि पूरे मामले की बारिकी से जांच कर रहे हैं। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया। हरजीत की हालत अब खतरे से बाहर है। जांच के बाद ही पूरा खुलासा हो सकेगा।
बूंदी आगार मैनेजर, (अनुबंध) राजपाल का कहना है कि रोडवेज से पेमेन्ट नहीं मिला इस लिए सभी की अप्रेल-मई की तनख्वाह बाकी है। थोड़ा बहुत आगे-पीछे चलता रहता है। हरजीत सिंह को तीन दिन से फोन कर रहे हैं वह आ ही नहीं रहा। उसके आने के बाद ही कोतवाली थाने में बस की जमानत होगी। हम किसी को परेशान नहीं करते।
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