सीकर.
आनंद नगर के पीछे रेलवे पटरियों के पास से अपहरण हुए युवक को चार घंटे बाद सूदखोर धोद रोड बाइपास पर पटक कर फरार हो गए। इसके बाद युवक ने अपने एक साथी को फोन कर बुलाया और वह उसे लेकर रात करीब 12 बजे घर छोड़ कर आया। इधर, सूदखोरी के डर के कारण परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट नहीं दी तो पुलिस ने भी प्रकरण से अपने हाथ खींच लिए हैं। सूदखोरी में मारपीट और अपहरण का शिकार हुए देवेंद्र ने बताया कि मंगलवार की रात आठ बजे आनंद नगर से वे लोग उसे गाड़ी में जबरन डाल कर ले गए थे। हल्ला करने पर मारपीट की धमकी दी और थोड़ी देर तो वे लोग उसे गाड़ी में इधर-उधर घुमाते रहे। इसके बाद उन लोगों ने गाड़ी में ही उसके साथ मारपीट शुरू कर उधारी चुकाने का दबाव बनाने लगे। फिर तय हुआ कि वह जल्द ही किश्तों में उनके 35 हजार रुपए अदा कर देगा। तब कहीं जाकर वे माने और उसे बाइपास के पास सडक़ पर पटक गए पार हो गए। हालांकि जाते समय उसका मोबाइल देने पर उसने अपने दोस्त को बाइक लेकर बुलाया और उसने घर तक छोड़ा। इधर, देवेंद्र के परिजन व उसके दोस्त मुकेश का कहना है कि वे लोग पुलिस के पास गए थे। लेकिन, घटना के चार घंटे बाद जब देवेंद्र सकुशल घर लौट आया तो उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कोई लिखित रिपोर्ट नहीं दी है। रिपोर्ट नहीं देने पर पुलिस ने भी मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
गंभीर नहीं पुलिस
सूदखोरी में आए दिन पीडि़त परिवारों के साथ सूदखोर नई वारदात को अंजाम देते आ रहे हैं। लेकिन, पुलिस द्वारा इन अपराधिक मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं करने पर सूदखोरों के हौंसले बुलंद हैं। जबकि सूदखोरी के मामले में हर तीसरे दिन जिले के थानों में रिपोर्ट और परिवाद पुलिस को प्राप्त हो रहे हैं।





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