पाली।
राजस्थान में चल रही ऋण माफी योजना एक बुजुर्ग दंपति के लिए वरदान साबित हुई। राजस्थान के पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र के दूदोड़ गांव में खेती-बाड़ी कर किसी तरह अपनी आजीविका चलाने वाले बुजुर्ग दंपत्ति गंगाराम व गंगाबाई की चिंता थी कि वे ग्राम सेवा सहकारी समिति से लिए अपने 70 हजार रुपए के फसली ऋण को कैसे चुका पाएंगे।
दो साल पहले गंगाराम का इकलौता बेटा भी चल बसा था। इसके बाद ये बूढ़े मां-बाप अकेले हो गए थे। ऐसे में इनके लिए कर्जा चुकाना आसान नहीं था। ऐसे में ऋण माफी योजना में मिलेे पचास हजार के सीधे लाभ से उन्हें एक आशा की किरण जागी।
ये है पूरा मामला
ऋण माफी के बाद गंगाराम बताते हैं कि उसकी आर्थिक स्थिति बहुत ठीक नहीं है और किसी तरह खेती-बाड़ी कर वह और उसकी पत्नी गुजारा चलाते हैं। उनके इकलौते बेटे की दो वर्ष पहले बीमारी से मौत हो चुकी है और खेती के अलावा दूसरा कोई जीने का सहारा नहीं है । ऎसे में दोनों पति-पत्नी इस चिंता में घुलते रहते थे कि कैसे इस ऋण का निपटारा होगा।
इस दौरान राज्य में चल रही ऋण माफी योजना के तहत पचास हजार रुपए माफ होने की खबर उसे मिली तो उनके लिए एक आशा की किरण सी जाग गई। मंगलवार 5 जून को गांव में लगे शिविर में जब उसे ऋण माफी प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, तो खुशी से उसकी आंखें भर आईं। ऋण माफी ने उनकी एक बड़ी चिंता का समाधान कर दिया है।
इस दौरान पीसीसीबी प्रबंध निदेशक एसएस राठौड़ के मुताबिक अकेले दूदोड़ क्षेत्र में 291 किसानों को 75.80 लाख रुपए की ऋण माफी का लाभ दिया गया है।





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