Breaking News
recent

तो यहां दो और छह वर्ष की उम्र में बन गए पिता!


चित्तौडग़ढ़. सरकार से मिलने वाले उचित दर के करोसीन, गेंंहू आदि राशन सामग्री पाने के लिए पात्र व्यक्ति सरकारी महकमों में एडिया घिसते रहते और दूसरी तरफ फर्जीवाड़ा करके राशन सामग्री उठाने की बू आ रही है। फर्जीवाड़ा इस कदर हो रहा है कि राशन कार्ड में उपभोक्ता की उम्र से केवल २ से ८ वर्ष कम उम्र उनकी संतानों की बताई जा रही है। ऑनलाइन उपलब्ध इस तरह के राशनकार्ड में दी गई जानकारी पर भरोसा किया जाए तो ये मानना पड़ेगा कि चित्तौडग़ढ़ में ऐसे भी व्यक्ति है जो दो-छह वर्ष की उम्र में पिता भी बन गए। सामान्यतया बाल विवाह के मामलों में भी इतनी कम उम्र में पिता बनने की बात सामने नहीं आती है। उम्र के ये आंकड़े ही राशन सामग्री पाने के लिए हो रहे फर्जीवाड़े को उजागर कर रहे है। राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की वेबसाईट पर उपलब्ध चित्तौडग़ढ़ जिले के राशन कार्ड विवरण को खंगालने पर इस तरह के चौकाने वाले तथ्य सामने आए है। ये तथ्य बता रहे है कि राशन कार्ड बनाने सेे लेकर राशन सामग्री उठाने तक किस तरह फर्जीवाड़ा हो रहा है। राशन कार्ड के आधार पर निर्धन परिवारों को प्रति माह २.५ लीटर करोसीन एवं प्रति सदस्य पांच किलो गेंहू दो रुपए प्रति किलो की दर से मिल रहे है। ऐसे में आशंका इस बात की है कि दो रुपए किलो का गेंहू फर्जी तरीके से उठा बाजार में १५ से २० रुपए प्रति किलो की दर से बचा जा रहा है। इधर, मामले में रसद विभाग का पक्ष जानने के लिए जिला रसद अधिकारी ज्ञानमल खटीक को कई बाार फोन किया गया एवं मोबाइल पर संदेश भी दिया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं मिला। एक बार फोन उठाने पर किसी कार्यक्रम में होने की बात कह बाद में बात करने की बात कही गई।
नव जागरण सोसायटी फर्जीवाड़ा उजागर करने में सक्रिय
सामाजिक संगठन नवजागरण सिविल सोसायटी भी उचित मूल्य खाद्य सामग्री वितरण के लिए राशन कार्डों में हो रही अनियमिताएं उजागर करने में सक्रिय है। सोसायटी के अध्यक्ष शरद सोनी, सचिव सुनील ढीलीवाल, कार्यालय सचिव गंगाधर सोलंकी आदि पदाधिकारी जनहित से जुड़ी सूचनाएं पाने के लिए ऑनलाइन सेवाओं के साथ सूचना के अधिकार कानून का भी उपयोग कर रहे है।

फिर भी हो रहा फर्जीवाड़ा
राशन सामग्री का वितरण अब पोस मशीन के माध्यम से हो रहा है। राशन कार्र्ड बनाने के लिए आधार कार्ड सहित बायोमेट्रिक खानापूर्ति हो रही है। इसके बाावजूद राशन कार्ड में अनियमिताएं उजागर हो रही है।

ई-मित्र से बन रहे राशन कार्ड
जिले में अब राशन कार्ड ई-मित्र केन्द्रों के माध्यम से बन रहे है। ऐसे में इस बात की आशंका भी है कि गलत दस्तावेजों या मिलीभगत से राशनकार्ड तैयार किए जा रहे है। इन राशन कार्ड के आधार पर सस्ती राशन सामग्री उठाई जा रही है।

केस-एक
राशनकार्डधारक का नाम अर्जुनलाल की उम्र २४ वर्र्ष है और कार्ड में अंकित परिवार विवरण में पुत्र युगल को २२ एवं गोल्डी को १९ वर्ष का बता रखा है। यानि अर्जुन दो वर्ष का था जब उसके युगल पुत्र हो गया। परिवार में छह सदस्यों के नाम राशन सामग्री हर माह उठाई जा रही है।

केस-दो
राशनकार्ड धारक का नाम इमरान खान की उम्र ३३ वर्र्ष है और कार्ड में अंकित परिवार विवरण में पुत्र इमान को २७ एवं अदब को २६ वर्ष का बता रखा है। यानि इमरान छह वर्ष का था जब उसके पुत्र इमान हो गया। परिवार में आठ सदस्यों के नाम राशन सामग्री हर माह उठाई जा रही है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.