नई दिल्ली। 2014 के बाद एक बार फिर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान व बंगाल टाइगर के नाम से लोकप्रिय सौरव गांगुली के भाजपा में शामिल होने की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। फेसबुक पेज पश्चिम बंगे बीजेपी चाइ यानी हम बंगाल में भाजपा को चाहते हैं, पर सबसे पहले इस सूचना को जारी किया गया है। उसके बाद से इस बात को लेकर दावा किया जा रहा है कि भारतीय टीम के पूर्व कप्तान गांगुली भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इस बात की अभी किसी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है।
गांगुली मोदी के एजेंडे से सहमत
फेसबुक पेज पश्चिम बंगे बीजेपी चाइ पर जो पोस्ट शेयर किया गया है, उसका कैप्शन बंगाली भाषा में लिखा गया है। हिंदी में इसका अर्थ है, 'पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भाजपा में शामिल हुए हैं और उन्होंने पीएम मोदी के सबका साथ सबका विकास एजेंडे का साथ देने का निर्णय लिया है। आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि गांगुली का नाम किसी राजनीतिक पार्टी के साथ जुड़ा है। टाइगर के नाम गांगुली बंगाल में काफी लोकप्रिय हैं। बंगाल के सारी सतारुढ़ पार्टियों ने अपने पॉलिटिकल एजेंडे को ध्यान में रखते हुए गांगुली को अपने पार्टी में शामिल करने की काफी जद्दोजहद की है। लेकिन अभी तक किसी को इस काम में सफलता नहीं मिली है।
खेल मंत्री बनाने का ऑफर
साल 2014 में मोदी के पीएम बनने से पहले गांगुली को भाजपा की तरफ से लोकसभा चुनाव लड़ने की पेशकश की गई थी। इसके बाद उस समय यह भी चर्चा चली कि गांगुली को पीएम मोदी भारत के खेल मंत्री बनाने की चाहत में हैं। आपको बता दें कि गांगुली ने हमेशा से राजनीति में जाने की बात को नकारा है। 2014 में भाजपा की तरफ से मिले ऑफर के बारे में बताया था कि भाजपा ने मुझे पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया था, लेकिन मैनें उसे ठुकरा दिया। मुझे ऑन फील्ड साथी सचिन तेंदुलकर की तरह राज्यसभा की भी पेशकश की गई थी, लेकिन मेरा उत्तर समान था। मेरी जगह क्रिकेट मैदान है न कि पार्लियामेंट।





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