चित्तौडग़ढ़. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से हॉल ही जारी १२वीं कला संकाय के परिणाम के बाद जिले के कई बच्चें जहां खुशी मना रहे वहीं अपेक्षित परिणाम नहीं पाने वाले कुछ बच्चें निराश है। इन सबसे अलग जिले के भैसरोडग़ढ़ क्षेत्र के जावदा नीमड़ी परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने वाले १४३ बच्चे अब भी परिणाम का इंतजार ही कर रहे है। विभाग के अधिकारी ने बताया कि संत्राक के प्रोसेस में नहीं आने व तकनीकी कारणों से परिणाम रोका गया है।
पांच स्कूल है शामिल: जावदा नीमड़ी केंद्र पर पांच स्कूलों के बच्चों ने परीक्षा दी थी। जिसमें जावदा, बलकुंडी कला, जवाहनगर, टोलो का लुवारिया, देवपुरा स्कूल के बच्चे शामिल है।
इसी सप्ताह जारी हो सकता परिणाम
परिणाम रूकने के बाद बोर्ड ने केंद्राधीक्षक व संबंधित पिं्रसीपल को अजमेर बोर्ड मुख्यालय पर व्यक्तिगत रूप से सत्रांक की हार्ड कॉपी के साथ बुलाया गया है। संभवत: इसी सप्ताह वंचित बच्चों का परिणाम जारी हो सकता है।
केंद्राधीक्षक होगा परीक्षा से वंचित
अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी शांतिलाल सुथार ने बताया कि संभंवत: जिले का पहला मामला है जब किसी केंद्र का परिणाम रोका गया हो।इसमें जांच के बाद केंद्राधीक्षक व संबंधित प्रिंसीपल पर कार्रवाई की जाएगी।केंद्राधीक्षक को परीक्षा से वंचित भी किया जा सकता है।
जिले का ८८.०८ फीसदी रहा परिणाम
कला संकाय का कुल परिणाम ८८.०८ प्रतिशत रहा। इनमें छात्रों का प्रतिशत ८४.४३ एवं छात्राओं का परिणाम ९१.६३ प्रतिशत रहा। वर्ष २०१८ की इस परीक्षा में जिले से राजकीय,निजी एवं स्वंयपाठी के रूप में ७१७१ विद्यार्थी प्रविष्ट हुए। इनमें से २९८७ छात्र एवं ३३२९ छात्राएं उत्तीर्ण रही। प्रथम श्रेणी में २४६९, द्वितीय श्रेणी में ३४३० एवं तृतीय श्रेणी में ४१७ विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। परीक्षा में कुल प्रतिशत के साथ श्रेणीवार प्रतिशत में भी छात्राओं का प्रदर्शन बेहतर रहा। परीक्षा में उत्तीर्ण ३३६९ छात्राओं में से १६०४ छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई। द्वितीय श्रेणी में १५८८ एवं तृतीय श्रेणी में १३७ छात्राएं उत्तीर्ण रही। इसके विपरीत परीक्षा में शामिल २९८७ छात्रों में से करीब ६० फीसदी यानि १८४२ छात्र द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। प्रथम श्रेणी में ८६५ छात्र ही उत्तीर्ण
हो पाए।





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