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आखिर साढ़े पांच महीने बाद पकड़ में आई तस्करी की आरोपित शकीना

नागौर/प्रतापगढ़ लाडनूं थाना पुलिस द्वारा करीब साढ़े पांच माह पूर्व की गई एनडीपीएस एक्ट की कार्रवाई में सह आरोपी शकीना को आखिर नागौर पुलिस ने प्रतापगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि गत 16 जनवरी को लाडनूं थाने के तत्कालीन थानाधिकारी भजनलाल एवं उनकी टीम ने कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र के शिमला गांव निवासी भंवरलाल पुत्र श्रीकिशन शर्मा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मादक पदार्थ ब्राउन शुगर, हेरोईन एवं स्मैक जब्त की थी। मादक पदार्थों की तस्करी के दर्ज मामले की जांच जसवंतगढ़ थानाधिकारी कैलाश कुमार विश्नोई कर रहे थे।

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पुलिस के अनुसार एनडीपीएस एक्ट में दर्ज प्रकरण में वांछित अन्य आरोपी हरियाल हाल सालासर निवासी रविकुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वांछित महिला आरोपी शकीना की तलाश पिछले साढ़े पांच महीने से की जा रही थी। शकीना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख के निर्देशानुसार जसवंतगढ़ थानाधिकारी विश्नोई के नेतृत्व में हैड कांस्टेबल राजेन्द्र प्रसाद, कांस्टेबल राजेश कुमार एवं महिला कांस्टेबल मिनाक्षी की एक टीम गठित की गई। टीम ने प्रतापगढ़ जिले के थाना हथुनिया से मादक पदार्थों की तस्करी की सह आरोपी शकीना को 30 मई को दस्तयाब कर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। आरोपी को डीडवाना एडीजे कोर्ट में पेश कर एक जून तक पुलिस रिमाण्ड पर लिया है।

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भाई के जेल जाते ही करने लगी तस्करी
शकीना ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई अहमद हुसैन हरियाणा, राजस्थान, मुम्बई, कोलकाता एवं मध्यप्रदेश राज्यों में मादक पदार्थों की तस्करी का बड़ा नेटवर्क चलाता था। उसके विरूद्ध एनडीपीएस एक्ट के दो प्रकरण दर्ज हैं। वर्तमान में वह पिछले 18 माह से प्रतापगढ़ में साढ़े तीन किलो ब्राउन शुगर की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार होकर न्यायिक अभिरक्षा में है। हुसैन के जेल जाने के बाद शकीना उसके नेटवर्क को स्मैक एवं ब्राउन शुगर सप्लाई का काम करने लगी।
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कांठल में तैयार होंगे एलोवेरा-आंवला के उत्पाद
वन विभाग की ओर से की जा रही कवायद
वन उपज संग्रहण भंडारण एवं बिक्री केन्द्र बनाए
प्रतापगढ़ कांठल वासियों को अब इसी वर्षसे ऐलोवेरा और आंवला का ताजा और शुद्ध जूस मिल सकेगा। इसके लिए वन विभाग की ओर से प्रतापगढ़ समेत जिले में तीन स्थानों पर लघु वन उपज प्रसंस्करण केन्द्र की स्थापना की गई है। इन केन्द्रों पर मशीनें लगाने के बाद इसी वर्ष से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। वन विभाग की ओर से भवन बना दिए गए है।इनमें मशीनें लगाई जानी है।इन भंडारण केन्द्रों में एलोवेरो व आंवला के जूस के साथ अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। वहीं हर्बल गुलाल भी तैयार की जाएगी।
50 हैक्टेयर में और लगाया एलोवेरा
वन मंडल में आंवला, पलाश के काफी पेड़ है। वहीं ऐलोवेरा के भी कई जगह प्लांटेशन लगा रखे है। ऐसे में यहां कच्चा माल भी काफी मिलता है।इसे देखते हुए विभाग की ओर से यहां प्रसंस्करण केन्द्र बनाए जा रहे है। रेंजर नरेन्द्र विश्नोई ने बताया कि बांसवाड़ा रोड स्थित करमदिया नर्सरी में केन्द्र का भवन बनाया गया है।इसके लिए 13 लाख 50 हजार रुपए लगाए गए है। यह कार्य मनोहरण वन सुरक्षा समिति के माध्यम से कराया गया है।वहीं एलोवेरा के लिए 50 हैक्टेयर में प्लांटेशन भी लगाया गया है।
तीन स्थानों पर बनाए गए केन्द्र
वन विभाग की ओर से जिले में इस वर्ष तीन स्थानों पर लघु वन उपज संग्रहण केन्द्र बनाए गए है।जिसमें प्रतापगढ़ के करमलिया नर्सरी, धरियावद और पीपलखूंट में केन्द्र बनाए गए है।जबकि बांसी में पांच वर्षसे प्रसंस्करण केन्द्र चल रहा है। जिसमें एलोवेरो, आंवला का जूस तैयार किया जा रहा है।इसके साथ ही हर्बल गुलाल भी तैयार की जा रही है।
वन सुरक्षा समितियों को मिलेगा रोजगार
विभाग की ओर से बनाएग लघु वन उपज संग्रहण केन्द्र में विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाएंगे। यह उत्पाद स्थानीय वन सुरक्षा समितियों के माध्यम से ही तैयार होंगे।इसके बाद विपणन भी कराएंगे।जिससे समितियों के लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
शुद्ध उत्पाद बनाएंगे
प्रतापगढ़ के जंगल में कई औषधीय पादप पाए जाते है।जिसमें आंवला और एलोवेरा भी काफी मात्रा में है। इसे देखते हुए बांसी में लघु वन उपज प्रसंस्करण केन्द्र पर उत्पाद तैयार किए गए थे।इसके अच्छे परिणाम को देखते जिले में धरियावद, प्रतापगढ़ और पीपलखूंट में भी लघु वन उपज संग्रहण केन्द्र बनाए गए है।इनमें हम शुद्ध उत्पाद बनाएंगे।
अमरसिंह गोठवाल
उपवन संरक्षक, प्रतापगढ़



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