सिरोही. रक्तदान जीवनदान है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी का जीवन बचा सकता है। रक्तदान कितना महत्वपूर्ण है, इसका अहसास तब होता है, जब हमारे किसी अपने को रक्त की जरूरत पड़े। ऐसे ही अहसास के बाद जिम्मेदार बने जिले के युवा अब अनजानों का जीवन बचाने में भी पीछे नहीं है। वे नियमित रूप से रक्तदान करते हैं। यही नहीं कम उम्र की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को समझ चुके ये युवा अपने संगी-साथियों को भी रक्तदान के प्रति जागरुक बना रहे हैं। ये युवा जरूरतमंद के लिए रक्तदान करने में न केवल तत्पर रहते हैं, बल्कि पता लगते ही जीवन-मौत के बीच जूझ रहे पीडि़त को उसके ग्रुप का ब्लड भी उपलब्ध कराने तैयार रहते हैं। विश्व स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर हम जिले के ऐसे ही जागरुक और जिम्मेदार युवाओं से आपका परिचय करा रहे हैं।
किसी की जिंदगी को बचाना अच्छा लगता है
किसी को बचाना अच्छा लगता है। मैं मेरे मित्र के साथ रक्त बैंक गया था। वहां पर मेरे मित्र ने रक्तदान किया। इस दौरान एक गरीब महिला अपनी बेटी के लिए रक्त को लेकर भटक रही थी, लेकिन कोई रक्तदान को तैयार न था। ऐसे में रक्तदान करने का मन हुआ और इसके बाद मैं इस काम से जुड़ गया। ४ साल से में नियमित रक्तदान करता आ रहा हूं। मुझे यह अच्छा लगता है। रक्तदान का कोई विपरीत असर शरीर पर नहीं पड़ता। मैंने एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया है। ताकि जरूरतमंद मुझसे सम्पर्क कर सकें।
-लोकेश अग्रवाल, ऊड
अनजान की मदद में मिलता है सकून
मैं पिछले तीन-चार साल से नियमित रूप से रक्तदान कर रहा हूं। अनजान की मदद करके जो सकून मिलता है, वह अवर्णनीय है। मैं मोबाइल के माध्यम से लोगों के सम्पर्क में रहता हूं। जब भी जरूरत पड़ती है, रक्तदान करने पहुंच जाता हूं। वहीं मेरे साथियों को भी प्रेरित करता हूं।
-प्रदीपसिंह उदावत, सिरोही
पुलिस की ड्यूटी के साथ यह भी जज्बा
एक बार चिकित्सालय में प्रसूता के लिए इमरजेंसी रक्त की जरूरत थी, क्योंकि बच्चे की पेट में ही मौत हो गई थी। वहीं प्रसूता भी जीवन व मौत के बीच संघर्ष कर रही थी। ऐसे में साथियों की सूचना के बाद रक्तदान करने पहुंचा। इस दिन मुझे रक्तदान का महत्व समझ में आया। इसके बाद से नियमित रूप से रक्तदान कर रहा हूं। वहीं साथियों को भी प्रेरित करता हूं।
-सुरेश बिश्नोई, पुलिसकर्मी, सिरोही
ये व्यक्ति कर सकते हैं रक्तदान
मनुष्य के शरीर में रक्त बनने की प्रक्रिया हमेशा चलती रहती है। रक्तदान से कोई नुकसान नहीं होता है।
-कोई भी स्वस्थ्य व्यक्ति जिसकी उम्र 18 से 6 0 साल के बीच हो और 45 किलोग्राम से अधिक वजन का हो, रक्तदान कर सकता है।
-जिसे एचआईवी, हेपाटिटिस बी या सी जैसी बीमारी न हो, वह रक्तदान कर सकता है।
-एक बार में 350 मिलीग्राम रक्त दिया जाता है। उसकी पूर्ति शरीर में २४ घण्टे के अन्दर हो जाती है और गुणवत्ता की पूर्ति 21 दिनों के भीतर हो जाती है।
-जो व्यक्ति नियमित रक्तदान करते हैं, उन्हें ह्रदय सम्बन्धी बीमारियां होने का खतरा कम रहता है।
-हमारे रक्त की संरचना ऐसी है कि उसमें समाहित रेड ब्लड सेल तीन माह में स्वयं ही मर जाते हैं। लिहाजा प्रत्येक स्वस्थ्य व्यक्ति तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकता है।





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