जैसलमेर. ग्राम पंचायत डिडाणिया के सत्तासर गांव में ग्राम पंचायत मुख्यालय से गांव तक डामर सडक़ नहीं होने से राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा गांव में भी आबादी क्षेत्र मेें कहीं पर भी डामर सडक़, सीमेंट कंकरीट सडक़ अथवा इंटरलोकिंग टाइल सडक़ नहीं होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित ग्राम पंचायतों की ओर से मुख्य मार्गों पर पक्की सडक़ों का निर्माण करवाया जा रहा है। ऐसे में कई जगह खरंजा रोड, सीमेंट कंकरीट सडक़ व इंटरलोकिंग सडक़ें बनाई जा रही है, जबकि डिडाणिया ग्राम पंचायत के पूर्वी उत्तरी अंतिम छोर पर स्थित सत्तासर गांव में सडक़ें नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों पूर्व लवां ग्राम पंचायत मुख्यालय से सत्तासर गांव के विद्यालय तक एक डामर सडक़ का निर्माण करवाया गया था, जो अब जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है।यहां सडक़ में गड्ढ़े हो जाने के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है। जबकि सत्तासर से ग्राम पंचायत डिडाणिया मुख्यालय तक सडक़ का अभाव होने के कारण ग्रामीणों को ग्राम पंचायत मुख्यालय तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है।
बारिश के दौरान बढ़ रही आफत
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान ग्रामीण लवां से होकर जैसे तैसे गांव तो पहुंच जाते है, लेकिन जिस तरफ गांव की आबादी निवास करती है उस तरफ बीच में दो-तीन बड़े बरसाती नाले होने के कारण यहां जमा रेत व बारिश के दौरान तेज बहाव के कारण ग्रामीणों के लिए अपने घर तक पहुंच पाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत से विद्यालय से आबादी क्षेत्र व बरसाती नालों पर सीमेंट कंकरीट अथवा इंटरलोकिंग सडक़ निर्माण करवाने की मांग की है।
प्रस्तावित है एक ग्रेवल व डामर सडक़
सत्तासर गांव में पुरोहितसर से सत्तासर तक एक डामर सडक़ के प्रस्ताव भिजवाए गए है। आबादी क्षेत्र में एक ग्रेवल रोड व बरसाती नालों में दो-तीन सीमेंट कंकरीट के कॉज-वे प्रस्तावित है, जो इसी वर्ष बनवा दिए जाएंगे।
-गुड्डीदेवी, सरपंच ग्राम पंचायत, डिडाणिया।





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