- अमृतवेला कार्यक्रम
बुरहानपुर. श्री गुरुनानकदेवजी का हुकुम है, अमृतवेला संभालो। अमृतवेला अर्थात सूर्योदय पूर्व एक प्रहर का ईश्वरीय जाप। श्रीगुरुग्रंथ साहब विश्व में एकमात्र ऐसा धार्मिक ग्रंथ है, जिसमें हिन्दू-मुस्लिम सब धर्मों की व्याख्याएं और धार्मिक जानकारियां समाहित है। इसीलिए इसे सरब.साझा ग्रंथ कहा गया है। श्री गुरुग्रंथ साहब में श्रीगुरुनानकजी के दसों स्वरूपों की वाणी हर वर्ग समाज को अपनी.अपनी उपासना पद्धति पर ही कायम रहकर ईमान.धर्म से मानवता-इंसानियत की राह दिखाती है। गुरुवाणी में कहा गया है कि मोक्ष का मार्ग पूजा, उपासना अर्थात अमृतवेला संभालों जो जिस धर्म का अनुयायी है, वो हक.ईमान से अपने धर्म और पूजा पद्धति का पालन करें।
यह बात सिंधी समाज द्वारा आयोजित अमृतवेला ट्रस्ट के दो दिवसीय कीर्तन.समागम में भाईसाहब गुरप्रीतसिंह (रिंकुवीरजी) ने कही। उन्होंने कहा कि सबसे उत्तम सेवा और साधना है अमृतवेला में उठकर जाप करना। भगवत नाम जाप से विनम्रता और प्रेम का प्रादुर्भाव खुद में खुद हो जाता है। ईश्वरीय उपासना में व्यक्ति को अपने प्रभु से अर्ज अर्थात अरदास में तर्क का सहारा नहीं लेना चाहिए। अरदास के भी उसूल होते है, जिसमें समर्पण का भाव होने से वाहेगुरु अपने भक्तों को गुनाह बक्ष सकता है, किंतु तर्क, अहंकार और होशियारी करने वाले उपासकों की अरदास की सफलता पर शंका के बादल मंडराते रहते है। रिंकुवीरजी ने कहा कि श्री गुरुनानकजी सहित दसों गुरुओं ने वंड छकना अर्थात मिल बांटकर ग्रहण करने की पद्धति को पोषित किया, जिसमें गुरु ? का लंगर विश्वभर में खालसा पंथ की पहचान बन गया है। आपने गुरु की महत्ता और उपासक की भक्ति अरदास पर शबद सुनाया। विघ्न न कोई लागता, गुर पे अरदास रखवाला गोबिंदराय भगतन की रास।
प्रवचन.कीर्तन समागम में महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री अर्चना चिटनीस सुबह 4.15 पर प्रवचन स्थल पहुंचकर 2 घंटे तक अमृतवेला की अमृतवर्षा का रसपान किया। इसी प्रकार कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मनमोहनसिंह बिंद्रा, अजयसिंह कीर, बिम्ट्स समूह अध्यक्ष राखी मिश्रा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष बलराज नावानी, दयाराम मूलचंदानी, विजय साबलानी, विजय थधानी, चुन्नुभाई मन्घिरमलानी सुखवानी, सुरेश आडवानी, नारू वासवानी, धीरज नावानी, संजय सुखवानी आदि उपस्थित हुए।





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