कोटा, सांगोद, मोईकलां. संसदीय सचिव और खानपुर विधायक नरेन्द्र नागर के रिश्तेदार किसान का सरकारी केन्द्र पर पहले लहसुन बिकवाने के लिए राजफैड के पोर्टल पर हेराफेरी की गई थी। वरीयता क्रम को तोड़कर नागर के रिश्तेदार का लहसुन पहले तोलने के लिए नम्बर आवंटित कर दिया, लेकिन एेनवक्त पर मामला उजागर होने के कारण लहसुन नहीं बेच पाए।
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सूत्रों के अनुसार, सांगोद विधानसभा क्षेत्र के ढोटी गांव निवासी राधेश्याम नागर, रूपनारायण नागर व गोपाल सिंह ने स्वयं के नाम के टोकन से पूर्व में ही बाजार हस्तक्षेप खरीद केन्द ्रपर 40-40 क्विंटल लहसुन तुलवा दिया। इसके बाद इन किसानों के पास करीब 800 कट्टे लहसुन बच गया था, जिसे तुलवाने के लिए तीनों ने अपने पारिवारिक सदस्यों के नाम से पटवारी से राजफैड के पोर्टल पर पंजीयन करवाया। एक माह तक इंतजार करने के बाद भी जब लहसुन तुलाई में इनका नम्बर नहीं आया तो संसदीय सचिव नागर के चचेरे भाई राधेश्याम नागर ने राजनीतिक रसूखात से पोर्टल पर वरीयता क्रम में हेराफेरी करवाई। बपावर मंडी के खरीद केन्द्र पर रूपनारायण दो ट्रॉली, राधेश्याम नागर 4 ट्रॉली व किसान गोपाल सिंह 3 ट्रॉली लहसुन बेचने पहुंचे, लेकिन अन्य किसानों द्वारा हंगामा करने से मामला खुल गया।
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कागजों में उगा दिया लहसुन
किसान राधेश्याम नागर ने जिन नामों से पंजीयन कराया। उनमें से कई किसानों के नाम तो कोई जमीन ही नहीं है। 39757 नम्बर पर पंजीकृत उमाशंकर गांव में चाय की थड़ी लगाता है। वहीं रामानंद, सुनीता, गायत्री, मंजू बाई के नाम कोई जमीन नहीं है। राधेश्याम ने जिनके नाम रजिस्ट्रेशन कवाया है, उसमें मोबाइल नम्बर खुद का ही दिया है।
राधेश्याम नागर, रूपनारायण नागर ने अपने रिश्तेदारों के नाम से खसरा गिरदावरी बनवाई है। अब उनके नाम जमीन है या नहीं? गांव के प्रतिष्ठित व्यक्ति होने के कारण पड़ताल नहीं की।
रामकल्याण, पटवारी
जिला कलक्टर के निर्देश पर लहसुन तुलाई में गड़बड़ी की जांच कर रिपोर्ट भेज दी है।
कमल कुमार मीणा, उपखंड अधिकारी, सांगोद





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