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फर्जी डिग्री ने ले ली इस CEO की नौकरी, जानिए पूरा मामला

नर्इ दिल्ली। फर्जी डिग्री के मामले में लगेज कंपनी सैमसोनाइट के CEO रमेश टेनवाला को कंपनी से इस्तीफा देना पड़ा है। टेनवाला ने 1 जून को कंपनी से इस्तीफा दे दिया है। उनपर आरोप है कि उन्होंने कंपनी को अपने शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत जानकारी दी है। इसके साथ ही काॅर्पोरेट गवर्नेंस में अनियमितता के भी आरोप लगे हैं। सैमसोनाइट के मुताबिक, ये आरोप उनपर ब्लू आेर्का कैपिटल ने लगाया है। टेनवाला ने ये कदम कंपनी बोर्ड की आेर अारोप की समीक्षा के बाद उठाया है। एक वेबसाइट पर दी गर्इ जानकारी के मुताबिक टेनवाला परिवार ने अपने व्यवसाय की स्थापना 1985 में की थी।

Ramesh Tainwala

'डाॅक्ट्रेट' की उपाधि का कभी नहीं किया दावा

वाॅल स्ट्रीट जर्नल ने पिछले हफ्ते ही कहा था कि टेनवाला के तरफ से आए र्इ-मेल में उन्होंने कभी भी डाॅक्टरेट की डिग्री रखने का दावा नहीं किया। उन्होंने मेल में आगे लिखा की साल 1992 में पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था आैर इसके बाद ही उनके सहकर्मी मजाक में उन्हें 'डाॅक्टर' कहने लगे। रमेश टेनवाला ने लगेज बिजनेस में आने से पहले कामोडिटी ट्रेडर के रूप में शुरूआत की थी। इसके बाद साल 1990 के अंत में भारत में सैमसोनाइट के स्पलायर के रूप में कंपनी से जुड़े। साल 2011 में उन्हें पैसेफिक एशिया हेड बनाया गया आैर फिर साल 2014 में उन्हें कंपनी का सीर्इआे बनाया गया था।

कंपनी के लेन-देन पर खड़े हुए सवाल

ब्लू आेर्का ने टेनवाला अौर उनके परिवार द्वारा नियंत्रित संस्थाआें अौर सैमसोनाइट के बीच लेन-देन पर भी सवाल खड़े किए हैं। ब्लू आेर्का ने आरोप लगाया है कि सैमसोनाइअ ने साल 2016 में तुमी होल्डिंग्स लिमिटेड की खरीद सहित लोन-वित्त पोषित अधिग्रहण के साथ धीमी ग्रोथ को छुपाया और अपने टेकओवर से जुड़े संदिग्ध लेखांकन के साथ लाभ मार्जिन बढ़ाया। सैमसोनाइट कच्चे माल आैर तैयार माल को भारतीय मैन्यूफैक्चरर अभिश्री पैकेजिंग को बेचता अौर खरीदता है। मैन्यूफैक्चरर टेनवाला स्वामित्व वाले हार्ड-साइड लगेज प्रोडक्ट का ही भारतीय यूनिट है। इसके बदले में अभीश्री सैमसोनाइट के चीनी अापूर्तिकर्ताआें के प्रोडक्ट को खरीदता है। ब्लू आेर्का ने ये भी सवाल उठाए हैं कि सैमसोनाइट उसी वेंडर से ही सामान क्यो खरीद रही थी जो उसके सप्लार्इ चेन की सामान खरीद रही है।

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इन कंपनियों काे बेचती थी उत्पाद

सैमसोनाइट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2017 में उसने अभिश्री से 10.5 मिलियन डाॅलर के प्रोडक्ट खरीदा है, जो कि इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 51 फीसदी अधिक है। इसके आलाव सैमसोनाइट एक आैर खुदरा विक्रेता कंपनी बैगजोन लाइफस्टाइल को भी अपने उत्पाद बेचती है। ये कंपनी 85 एक्सक्लूसिव आैर 46 मल्टीब्रांड स्टोर्स पर सैमसोनाइट के प्रोडक्ट को भारत में बेचती है। सैमसोनाइट की तरफ से दी गर्इ जानकारी के मुताबिक, इस कंपनी ने वित्त वर्ष 2017 में बैगजोन को 11.2 मिलियन डाॅलर के प्रोडक्ट को बेची है।



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