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मद्रास हाई कोर्ट से CSK के मालिकों को दिया बड़ा झटका, पुनरीक्षण याचिका की खारिज

नई दिल्ली। मद्रास हाई कोर्ट ने मंगलवार को इंडियन प्रीमियर लीग सीजन -11 की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स पर मालिकाना हक रखने वाली इंडिया सीमेंट कंपनी को बड़ा झटका दिया है। मद्रास हाई कोर्ट ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जारी समन को चुनौती देने वाली इंडिया सीमेंट की याचिका को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति के के शशिधरन और न्यायमूर्ति आर सुब्रमण्यन की पीठ ने दो मार्च 2017 को न्यायमूर्ति बी राजेंद्रन की एकल पीठ की ओर से दिये गये फैसले को बरकरार रखते हुए इंडिया सीमेंट की याचिका खारिज कर दी।

ईडी के समन पर हस्तक्षेप से किया इंकार-

एकल पीठ ने चार नवम्बर 2016 को अपने फैसले में ईडी की ओर से जारी समन को लेकर हस्तक्षेप करने से इन्कार करते हुए याचिकाकर्ता से 24 नवम्बर 2016 को ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए कहा था। इंडिया सीमेंट के कार्यकारी अध्यक्ष टी एस रघुपति और उपाध्यक्ष (वित्त एवं कर) आर हरिहर सुब्रमण्यन ने फेमा उल्लंघन मामले में कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवास और अन्य बड़े अधिकारियों को जांच के लिए उपस्थित होने संबंधी ईडी के समन को न्यायालय में चुनौती दी थी।

कंपनी पर यह आरोप-

कंपनी पर आरोप है कि 2009 में चेन्नई सुपर किंग्स ने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित आईपीएल मैचों के दौरान फेमा का कथित रूप से उल्लंघन किया था। उल्लेखनीय है कि ईडी ने हाल में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) पर फेमा कानून का उल्लंघन करने के आरोप में 121 करोड़ रूपये का जुर्माना लगाया था। ईडी ने बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन, पूर्व आईपीएल आयुक्त ललित मोदी और अन्य अधिकारियों पर वर्ष 2009 के इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के संस्करण के दौरान फेमा कानून का उल्लंघन करने के आरोप में 121 करोड़ रूपये का जुर्माना लगाया था।

हाल में ठोका गया था जुर्माना -
केंद्रीय जांच एजेंसी के विशेष निदेशक ने बीसीसीआई पर 82.66 करोड़ रूपये, पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष श्रीनिवासन पर 11.53 करोड़ रूपये, पूर्व आईपीएल आयुक्त मोदी पर 10.65 करोड़ रूपये, बीसीसीआई के पूर्व कोषाध्यक्ष एमपी पंडोव पर 9.72 करोड़ रूपये और स्टेट बैंक ऑफ त्रावनकोर पर सात करोड़ रूपये का जुर्माना लगाया था।

ईडी लंबे समय कर रही है जांच-

ईडी पिछले काफी समय से फेमा कानून के तहत वर्ष 2009 में दक्षिण अफ्रीका में हुये आईपीएल संस्करण के दौरान करीब 243 करोड़ रूपये के हस्तांतरण मामले की जांच कर रहा है, जिसका उपयोग इस संस्करण की मेजबानी के लिये किया गया था। फेमा के अनुसार इस धनराशि का हस्तांतरण रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों का उल्लंघन था।

आम चुनाव के कारण विदेश में हुआ था आयोजन-

ईडी ने चार दिन पूर्व के अपने फैसले में आरोपियों को 45 दिनों के भीतर इस राशि को जमा कराने का आदेश दिया था। इंडियन प्रीमियर लीग टी 20 टूर्नामेंट वर्ष 2008 में शुरू हुआ था जिसका अगला संस्करण वर्ष 2009 में आम चुनाव के कारणों से दक्षिण अफ्रीका में कराया गया था। हाल ही में टूर्नामेंट का 11वां संस्करण समाप्त हुआ है।



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