बांसी. दुगारी में शनिवार को जैन मुनि विश्रांत सागर महाराज के सानिध्य में चल रहे जैन समाज के तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव, विश्व शान्ति महायज्ञ एवं प्रथम महामस्तकाभिषेक महोत्सव के कार्यक्रमों का समापन मूलनायक पाŸवनाथ के नवीन वेदी पर विराजमान होने के साथ हुआ। कार्यक्रम के तहत सुबह दिगम्बर जैन मन्दिर में श्री जी के कलशाभिषेक, शान्तिधारा, पुजन के बाद सकल जैन समाज द्वारा श्री जी कि शोभा यात्रा निकाली जो कस्बे के प्रमुख मार्गो से गुजरी।
शोभायात्रा में बैण्ड बाजो की मधुर स्वर लहरियों पर विनीत युवा मण्डल, चन्दना महिला मण्डल, णमोकार बालिका मण्डल व भक्ताम्बर मण्डल के कार्यकर्ता नाचते गाते व जय कारे लगाते हुए चल रहे थे। जुलुस मे शोधर्म इन्द्र हाथी पर ओर अष्टकुमारियां बगी पर सवार हो कर चल रही थी। शोभायात्रा का लोगो नें जगह जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। बाद में शोभायात्रा जैन धर्मशाला पहुंची जहा मुनि विश्रांत सागर महाराज ने अपने प्रवचनों के दौरान कहा कि श्रृद्धा से ही पत्थर में भी परमात्मा नजर आता है तथा श्रद्धा से ही मनुष्य का कल्याण सम्भव है। तथा मनुष्य जीवन के मोक्ष का द्धार साधना है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन बहुत मुश्किल से मिलता है। ऐसे में हमेशा ईश्ïवर की भक्ति और नेक कार्यों में इसले लगाना चाहिए है। बाद में दिगम्बर जैन मन्दिर पर प्रतिष्ठाचार्य पं. मनिष शास्त्री ने विधि विधान से वेदिक मन्त्रोचार के साथ मुनि विश्रांत सागर महाराज के सानिध्य मे पुण्यार्जक कैलाश चन्द दीपक कुमार बंसल ने मुलनायक पार्शवनाथ भगवान को नवीन वेदी पर विराज मान किया। महामस्तकाभिषेक के बाद तीन दिवसीय कार्यकम का समापन हुआ।
हïृदय में भगवान को विराजित करो
कापरेन. पाŸवनाथ दिगंबर जैन नसिया मंदिर में याग मंडल विधान व मानस्तंभ वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत आचार्य सुकुमाल नंदी ने शनिवार को धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम मंदिर तो बना लेते हैं, भगवान को वेदी पर भी विराजित कर देते हैं, लेकिन इसके साथ ही हमें अपने हïृदय में भी भगवान को विराजित करना चाहिए। हमारा हृदय मंदिर की तरह बन गया तो हम कभी भी गलत काम नहीं करेंगे। पाप कार्यों से हम बहुत दूर रहेंगे। प्रवचन के बाद अशोक कुमार पापड़ीवाल परिवार की ओर से वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव का ध्वजारोहण किया गया। जैन समाज के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार पाटनी ने बताया कि रविवार को 8 1 कलशों से चारों दिशाओं में नवीन वेदी की शुद्धि की जाएगी।





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