जैसलमेर. केन्द्र सरकार की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों में सीआईडी बीआई की बंद सीमा चौकियों को फिर से शुरू करवाने के निर्णय का स्वागत करते हुए सीमाजन कल्याण समिति ने इसे सामरिक दृष्टि से अहम और उचित कदम बताया है। समिति ने कहा कि इस निर्णय से पश्चिमी सीमा पर भारतविरोधी गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लग सकेगा। समिति के जिलामंत्री शरद व्यास ने बताया कि सीमाजन कल्याण समिति राजस्थान पिछले नौ वर्ष से जब से सीमा चौकियों को अनुपयोगी मानकर बंद किया गया है, तब से उन्हें पुन: खुलवाने के लिए सार्थक जमीनी प्रयास कर रही है। जिलामंत्री शरद व्यास ने बताया कि प्रदेश संगठन मंत्री नीम्बसिंह के नेतृत्व में समिति के प्रतिनिधिमंडल ने सीमा चौकियों के बंद तालों को खुलवाने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान की मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से भेंट कर उनके समक्ष यह विषय प्रमुखता से उठाया था। इस संबंध में समिति की ओर से गत वर्षों के दौरान लगातार मांगपत्र दिए गए। दोनों सरकारों ने इस पर सिद्धांतत: सहमति भी प्रदान की थी। व्यास ने बताया कि सीआईडी बीआई की 24 सीमा चौकियों को फिर से शुरू करने के लिए केंद्र सरकार ने इजाजत दे दी है। इससे सरहदी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने में भरपूर सहायता मिलेगी। उनके अनुसार सीमा सुरक्षा बल के साथ खुफिया एजेंसियों व पुलिस ने भी सीमा चौकियों को शुरू करवाने की जरूरत पर पिछले अर्से से जोर दिया था। सीमाजन ने केंद्र सरकार और विशेषकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के प्रति आभार जताया है।
राजकीय अम्बेडकर छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया जारी
जैसलमेर. जिले में संचालित 13 राजकीय अम्बेडकर छात्रावासों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया जारी है। जिले में खींया, नाचना-।, नाचना-।।, पोकरण, रामदेवरा, रामगढ़, सांकड़ा, झिनझिनयाली, मोहनगढ़ (कन्या छात्रावास), जैसलमेर-।, जैसलमेर-।।, जैसलमेर (कन्या छात्रावास), फतेहगढ़ क्षेत्रों में राजकीय अम्बेडकर छात्रावास संचालित है। छात्रावासों की प्रवेश क्षमता 725 छात्रों की है। अब तक प्रवेश के लिए 610 आवेदन प्राप्त हो चुके है, जिन्हें संबंधित छात्रावास अधीक्षकों द्वारा ऑनलाईन पोर्टल पर शार्टलिस्ट किया जाकर प्रवेश देने की कार्यवाही की जा रही है। सहायक निदेषक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हिम्मत सिंह कविया ने बताया कि ऐसे छात्र जो पूर्व में छात्रावास में रह रहे हैं एवं इस सत्र में भी रहना चाहते हैं, ऐसे छात्रों को पुन: प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन ऐसे छात्रों को गत वर्ष की अंकतालिका आवश्यक रूप से छात्रावास अधीक्षक को जमा करवानी है। छात्रावास अधीक्षक द्वारा उसे पोर्टल पर अपलोड कर ऐसे छात्रों को पुन: प्रवेश दिया जाएगा।





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