Breaking News
recent

ONGC में 80 करोड़ का घोटाला, CBI ने 13 अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा

नर्इ दिल्ली। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस काॅरपोरेशन (ONGC ) में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि उसने 80 करोड़ रुपये के घोटाले में कथित भूमिका के लिए ONGC लिमिटेड के 13 वरिष्ठ सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस मामले में आरोपी ने आंध्र प्रदेश में अपने राजमुंदरी संयंत्र के लिए गैस डीहाइड्रेशन इकाइयों की आपूर्ति के लिए निजी कंपनी दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड को अवैध रूप से अनुबंध देने के लिए 2014 में अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया था।


ठेके के लिए अपने पद का किया दुरुपयोग

सीबीआई ने कहा कि अधिकारियों पर दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड को 312 करोड़ रुपये का ठेका देने में अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप है। निगम के पूर्व कार्यकारी निदेशक डीजी सान्याल, पूर्व निदेशक (ऑनशोर ऑपरेशंस) अशोक वर्मा और पूर्व महानिदेशक (उत्पादन) अरुप रतन दास का नाम इस घोटाले में दर्ज एफआईआर में शामिल है।


सीबीआर्इ ने लगाए ये आरोप

जांच एजेंसी ने दावा किया कि दास ने दस्तावेज यह दिखाने के लिए तैयार किये थे कि डीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड अनुबंध के लिए एकमात्र बोलीदाता है। दास ने निजी फर्म के लाभ के लिए गैस निर्जलीकरण इकाइयों को भर्ती करने के पक्ष में भी एक तर्क दिया। सीबीआई ने आरोप लगाया कि कंपनी ने मानदंडों का उल्लंघन कर अनुमानित लागत को 219 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 312 करोड़ रुपये किया।


मार्च तिमाही में कंपनी को हुआ है 5915 करोड़ रुपए का मुनाफा

गौरतलब है कि 31 मार्च को समाप्त बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में आेएनजीसी को 5,915.12 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 37 प्रतिशत अधिक है। तेल की ऊंची कीमतों की वजह से कंपनी के मुनाफे में भारी वृद्धि हुई है। यह 17 तिमाहियों में सबसे ऊंचा मुनाफा है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.