सुनील जैन /अमित काकड़ा . अजमेर . ब्यावर में हुए रसोई गैस सिलेंडर हादसे के बाद भी सबक नहीं लिया जा रहा है। शहर में अभी भी अवैध गैस रिफलिंग का कारोबार खुले आम चल रहा है। पत्रिका टीम की ओर से शनिवार को किए गए स्टिंग में इसका खुलासा हुआ। ब्यावर में गैस हादसे से इक्कीस लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने रसोई गैस सिलेंडर के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई की लेकिन चंद दिनों बाद ही रिफलिंग का कारोबार करने वाले बेखौफ हो गए। शहर के विभिन्न इलाकों में मनमानी राशि वसूल कर अवैध रूप से गैस की रिफलिंग की जा रही है। इतना ही नहीं एक सरकारी आवास में भी यह कार्य धड़ल्ले चल रहा है।
नौ सौ रुपए में भर दी गैसपत्रिका टीम वैशाली नगर स्थित एक मकान में पहुंची। वहां पहले से एक कार खड़ी थी और गैस भरी जा रही थी। पास ही एक महिला खड़ी मिली। उससे जब गैस भरने की बात कहीं तो नौ सौ रुपए मांगे। रुपए देने पर रसोई गैस सिलेंडर घर से निकाला और गैस भर दी। इस दौरान बातचीत में महिला ने बताया कि पहले ही एक केस चल रहा है और ब्यावर हादसे के बाद यह काम और जोखिम भरा हो गया है।
आज ही बढ़े हैं पचास रुपए
पत्रिका टीम कुन्दन नगर में एक मकान पर पहुंची और वहां देखा तो मशीन वगैरह पड़ी थी। बाहर ही दुकान पर बैठी महिला से गैस भरने की बात कही। इस पर महिला ने बताया कि पहले 850 रुपए में ही गैस भरते थे और आज ही पचास रुपए बढ़ गए, इसलिए नौ सौ रुपए लेंगे। उससे पैसे कम करने की बात कही तो उसने यह कह दिया कि इससे कम करना उसके लिए सम्भव नहीं है। सरकारी आवास में भी नहीं परहेजपालबीसला क्षेत्र में बने रेलवे के सरकारी आवास में भी अवैध गैस रिफलिंग का गोरखधंधा चल रहा है। पत्रिका टीम जब सरकारी आवास पर पहुंची तो वहां एक युवक मिला और उसने अपना नाम अंकित बताया।
उसका कहना रहा कि गैस भरते है लेकिन अभी मशीन खराब पड़ी है। एक दो दिन में मशीन ठीक हो जाएगी, उसके बाद ही गैस भरी जा सकती है। इसके बाद पत्रिका टीम उसके नम्बर लेकर लौट आई। 'गैस सिलेंडर आप ले लाओ, भर दूंगाÓपत्रिका टीम इसके बाद शास्त्री नगर स्थित एक गैराज पर पहुंची और वहां पर दो युवक मिले। गैस भरवाने की बात कहने पर उन्होंने गाड़ी को मशीन के पास लगवा दिया। बाद में सिलेंडर मांगा। इस पर पत्रिका टीम ने गैस सिलेंडर नहीं होने की बात कही। युवकों ने कहा कि कहीं से गैस सिलेंडर आप ले आओ, भर दूंगा। क्षेत्र के अन्य मकान पर गैस भरवाने पहुंचे तो उसने बताया कि ब्यावर हादसे के बाद यह काम बंद कर दिया।
ब्यावर हादसे के बाद नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है और कई जगहों से रसोई गैस सिलेंडर पकड़े है। रसोई गैस सिलेंडर की रिफलिंग करना गलत है। शिकायत मिलती है या जानकारी में आएगा तो कार्रवाई की जाएगी।
-अब्दुल सादिक, प्रवर्तन अधिकारी रसद विभाग अजमेर
हो चुका है बड़ा हादसा
ब्यावर के नन्द नगर में 17 फरवरी 2018 को गैस सिलेंडर फटने से शादी समारोह में इक्कीस जनों की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया था कि हादसा गैस रिफलिंग करते समय हुआ। इसके बाद जिला प्रशासन ने जिले भर में अवैध गैस रिफलिंग के खिलाफ अभियान चलाया और कार्रवाई भी की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ।





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