सीकर.
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की 12वीं कला वर्ग की परीक्षा में 97.40 प्रतिशत अंक लाकर राज्य के टॉपर विद्यार्थियों में शामिल प्रिंस स्कूल के मुकेश जाट की लाइफ स्टाइल काफी रोचक है। फेसबुक, वाट्सअप के जमाने में मुकेश एंड्रोयड फोन तो दूर की बात सामान्य मोबाइल भी नहीं रखता।
12वीं में सफलता हासिल करने के बाद भारत का सबसे कम उम्र का आईएएस बनने का ख्वाब देख रहे मुकेश का कहना है कि परीक्षा में आने वाला ऐसा कोई सवाल नहीं है जो पुस्तकों में नहीं होता। ऐसा कोई बिंदू नहीं होता जो मोबाइल में होता है और पुस्तकों में नहीं होता। मोबाइल से दूरी ही बेहतर है।
सीकर जिला मुख्यालय पर पालवास रोड स्थित प्रिंस स्कूल में शनिवार शाम 90 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों व उनके परिजनों का सम्मान किया गया।
संस्थान निदेशक जोगेन्द्र सुण्डा व चेयरमैन डॉ पीयूष सुण्डा ने बताया कि स्कूल के 13 विद्यार्थियों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। प्रतिभाओं का स्कूल परिसर में सम्मान किया गया। इस दौरान मिठाई बांटी गई व डीजे की धुन पर जश्न मनाया गया। मुकेश जाट के किसान पिता हनुमानराम ने बताया कि उसका सपना आईएएस बनने का है। मुकेश तीन बेटों में सबसे बड़ा है।
उल्लेखनीय है कि 12वीं कला की परीक्षा से पहले मुकेश के गले में दिक्कत हो गई थी। परीक्षा से महज तीन दिन पहले उसके गले का ऑपरेशन हुआ। ये शारीरिक परेशानी भी मुकेश के हौसले को नहीं तोड़ पाई और उसने जो ठाना वो कर दिखाया।
मुकेश की सफलता की कहानी भी अद्भुद है। कक्षा 10वीं उत्तीर्ण करने के बाद मुकेश ने पीसीपी (प्रिंस) कोचिंग में कक्षा 11वीं आईआईटी फाउण्डेशन कोर्स में प्रवेश लिया। एक वर्ष बाद 12वीं में मुकेश ने अपना विषय बदलने का निर्णय किया। मुकेश का कहना है कि मुझे देश में सबसे कम उम्र में आईएएस अधिकारी बनना है। यदि में आईआईटी से चार वर्षीय बी.टेक कोर्स करके आईएएस बनता हूँ तो मेरी उम्र 22 वर्ष की होगी। अत: मैंने डीयू से तीन वर्षीय स्नातक डिग्री हासिल कर 21 वर्ष की आयु में सबसे कम उम्र में आईएएस बनने का मेरा सपना है।





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