अजमेर . माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की सीनियर सैकंडरी कला वर्ग का परीक्षा परिणाम 88.92 प्रतिशत रहा। यह पिछले साल के मुकाबले 0.13 प्रतिशत कम है। सभी परीक्षाओं की तरह इस बार भी परीक्षा परिणाम में बेटियों ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया।
शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार शाम सवा छह बजे बोर्ड सभागार में सीनियर सैकंडरी कला वर्ग सहित वरिष्ठ उपाध्याय का परीक्षा परिणाम जारी किया। वरिष्ठ उपाध्याय का परिणाम 90.31 प्रतिशत रहा।
वरिष्ठ उपाध्याय का परिणाम 90.31 प्रतिशत
शिक्षा बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्याय का परीक्षा परिणाम भी जारी किया गया। इस परीक्षा का परिणाम 90.31 प्रतिशत रहा। लड़कियों का परीक्षा परिणाम 91.25 प्रतिशत और लड़कों का परिणाम उनसे कम 89.31 प्रतिशत रहा। इस परीक्षा में कुल 3 हजार 210 विद्यार्थी बैठे।
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23 हजार से अधिक की सप्लीमेंट्री
सीनियर सैकंडरी कला वर्ग में कुल 5 लाख 27 हजार 429 विद्यार्थी प्रविष्ट हुए। इनमें दो लाख 79 हजार 513 लड़के और 2 लाख 47 हजार 916 लड़कियां थी। लड़कियों का परिणाम 91.46 प्रतिशत रहा जबकि लड़कों का परीक्षा परिणाम 86.67 प्रतिशत रहा। यह लड़कियों की तुलना में 4.97 प्रतिशत कम है। नियमित विद्यार्थियों का परिणाम 89.87 प्रतिशत जबकि स्वयंपाठी विद्यार्थियों का परिणाम महज 23.81 प्रतिशत रहा। परीक्षा में प्रथम श्रेणी में 2 लाख 18 हजार 606, द्वितीय श्रेणी में सर्वाधिक 2 लाख 25 हजार 291, तृतीय श्रेणी में 24 हजार 864 एवं 230 महज उत्तीर्ण हुए। कुल 23 हजार 231 विद्यार्थियों को पूरक योग्य घोषित किया गया है। इनमें 13 हजार 836 लड़के और 9 हजार 395 लड़कियां हैं।
आखिर सरकारी स्कूलों ने जीती रेस
बारहवीं कला वर्ग में इस साल आखिर सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी निजी विद्यालयों से बेहतर साबित हुए। सरकारी विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 90.31 प्रतिशत रहा जो निजी विद्यालयों के परिणाम 89.05 प्रतिशत से बेहतर रहा। हालांकि फिनिशिंग लाइन पर यह अंतर काफी मामूली 1.48 प्रतिशत रहा।





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