अजमेर
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने आठवीं बोर्ड परीक्षा-2018 का परिणाम जारी कर दिया है। परिणाम जारी होते ही विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे। बोर्ड की वेबसाइट पर परिणाम जानने के लिए जुट गए।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित आठवीं बोर्ड परीक्षा में 12 लाख 96 हजार 127 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनकी परीक्षाएं 15 मार्च से शुरू हुई थी। परीक्षा में 12 लाख 74 हजार 127 शामिल हुए थे। इसमें 6 लाख 37 हजार 696 बालक, 5 लाख 87 हजार 101 बालिकाएं शामिल थी। बोर्ड ने बुधवार को इनका परिणाम जारी कर दिया।
बारहवीं के नतीजे घोषित
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 23 जून को सीनियर सेकंडरी विज्ञान और वाणिज्य वर्ग और 1 जून को कला वर्ग का परिणाम घोषित किया था। शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने वेबसाइट पर नतीजा जारी किया था। सीनियर सेकंडरी कला, विज्ञान और वाणिज्य वर्ग में बेटियों का परिणाम बेहतर रहा था। छात्राओं की सफलता के आगे छात्र आसपास भी नजर नहीं आए। इस दौरान बोर्ड अध्यक्ष प्रो. बी. एल. चौधरी, सचिव मेघना चौधरी, विशेषाधिकारी प्रियंका भार्गव, वित्तीय सलाहकार आनंद आशुतोष और अन्य मौजूद थे।
नहीं जारी हुई मेरिट लिस्ट
बोर्ड ने साल 2017 की तरह साइंस, आट्र्स और कॉमर्स की राज्य अथवा जिला स्तर की मेरिट लिस्ट जारी नहीं की। इसका फैसला पिछले साल ही प्रबंध बोर्ड की बैठक में हो गया था। इसके बजाय बोर्ड ने टॉप थ्री विद्यार्थियों के नाम घोषित करने का निर्णय लिया था। पिछले साल बारहवीं के कला, वाणिज्य और विज्ञान सहित दसवीं में टॉप रहे विद्यार्थियों को 24 मई को होने वाले दीक्षान्त समारोह में मेडल प्रदान किए गए।
पिछले साल यह था नतीजा
साल 2017 में बारहवीं विज्ञान वर्ग का परिणाम 90.36 और वाणिज्य वर्ग का 90.88 प्रतिशत रहा था। विज्ञान वर्ग में छात्राओं का परिणाम 93.30 और छात्रों का 89.21 प्रतिशत रहा था। इसी तरह वाणिज्य वर्ग में छात्राओं का परिणाम 95.27और छात्रों का 88.56 प्रतिशत रहा था। पिछले साल विज्ञान और वाणिज्य वर्ग में कुल 19 हजार 274 विद्यार्थी फेल हुए थे। दोनों में कुल 7 हजार 434 विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री के योग्य घोषित किया गया था। विज्ञान में 17 हजार 012 विद्यार्थी फेल हुए थे। जबकि कॉमर्स में 2 हजार 262 विद्यार्थी फेल हुए थे।
यूं रहे थे जिलों के परिणाम
बीते साल सीनियर सेकंडरी विज्ञान में नागौर जिला 94.10 प्रतिशत के साथ पूरे राज्य में प्रथम रहा था। जबकि शिक्षा राज्य मंत्री का गृह जिला अजमेर 86.61 प्रतिशत के साथ प्रदेश में 32 वें स्थान पर था। इसी तरह वाणिज्य वर्ग में 95.38 प्रतिशत के साथ जैसलमेर जिला सबसे टॉप रहा। अजमेर जिला 90.27 प्रतिशत के साथ 19 वें स्थान पर रहा था। ऐसा तब हुआ जबकि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का कार्यालय अजमेर में है। साथ ही अजमेर को राजस्थान का एज्यूकेशन हब कहा जाता रहा है।





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