नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई पर 7 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। मामले की कार्रवाई FEMA एक्ट के तहत की गई है। भारतीय स्टेट बैंक ने खुद इसकी जानकारी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को दी है।
क्यों लगा जुर्माना
स्टेट बैंक की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक वैंक में विलय हो चुके स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर की अशोक मार्ग स्थित शाखा को 2011 के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से रकम लेनदेन में हुई गड़बड़ी को लेकर 2 बार नोटिस भेजा गया था। यह नोटिस मार्च 2009 और अगस्त 2010 में हुई लेनदेन की गड़बड़ियों को लेकर था। ED से नोटिस मिलने के बाद बैंक ने अपना जवाब प्रवर्तन निदेशालय को सौंपा, जवाब मिलने के बाद संबधित फैसला सुनाने वाली संस्था ने बैंक को दोषी पाया और FEMA 1999 के सेक्शन 13 (1) के तहत बैंक पर 7 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है।
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बैंकिंग सेक्टर में मचा है भूचाल
देश के बड़े बैंकों में इन दिनों लगातार कई घपले सामने आ रहे हैं। पहले पंजाब नेशनल बैंक का नीरव मोदी घोटाला, फिर देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक आईसीआईसीआई बैंक की चंदा कोचर मामला। देश की बैंकिग सेक्टर की नींव पहले ही एनपीए के चलते हिल चुकी हैं। इसके बाद हर दिन आए इस तरह की खबरों ने बैंकिंग सेक्टर को झकझोर कर रख दिया है।
एनपीए की मार से त्रस्त हैं बैंक
एनपीए यानी डूबते लोन का आंकड़ां लगातार बढ़ता जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के कुल बैड लोन का 70 फीसदी हिस्सा केवल सरकारी बैंकों का ही है। एनपीए की लिस्ट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का नाम सबसे उपर है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एनपीए 1.99 लाख करोड़ के पार है।
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